
उदित वाणी, जमशेदपुर : नई शिक्षा नीति सहित विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के बैनर तले छात्रों ने शनिवार को आंदोलन की शुरुआत की. इसकी शुरुआत साकची स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर की गई. आंदोलन में छात्रों के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता अंबुज ठाकुर भी शामिल हुए और उन्होंने छात्रों की मांगों का पूरा समर्थन किया.
छात्रों ने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और समय पर परीक्षा नहीं होने से उनका करियर अधर में लटका हुआ है. उन्होंने कहा कि परीक्षा एवं परिणाम में लगातार हो रही देरी के कारण उच्च शिक्षा और नौकरी के अवसरों पर असर पड़ रहा है. आंदोलनरत छात्रों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.
छात्रों ने यह भी कहा कि कॉलेजों में आउटसोर्स के तहत पढ़ाने वाले शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है. इससे न सिर्फ शिक्षक परेशान हैं, बल्कि शिक्षण कार्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. छात्रों ने मांग की कि आउटसोर्स शिक्षकों का मानदेय समय पर भुगतान किया जाए और उनकी सेवा स्थिति को नियमित करने पर भी विचार हो.
एआईएसएफ के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना सरकार की जिम्मेदारी है. यदि समय रहते छात्रों और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
सीपीआई नेता अंबुज ठाकुर ने छात्रों की सभी मांगों को जायज बताते हुए कहा कि पार्टी छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और वे इस मुद्दे को राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्तर पर भी उठाएंगे.

