
उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दिशा निर्देश में सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों के तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
जिसके तहत आईआईएम रांची जैसे संस्थान द्वारा प्रशिक्षण दिये जाने के साथ ही अब अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा भी मॉडल स्कूल के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को प्रशिशित किया जा रहा है. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा राज्य के करीब चार हजार मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है.
प्रशिक्षण के पहले चरण में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने चेंजमेकर के रूप में चिन्हित 80 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ 10 महीने के व्यापक प्रशिक्षण की रूपरेखा के तहत स्कूलों के लिए बेहतर विजन विकसित किया जायेगा.
स्कूलों में गुणवत्ता में सुधार तथा गुणवत्ता सुधार के लिए नेतृत्व क्षमता में वृद्धि, सीखने की संस्कृति का विकास, सीखने के माहौल का निर्माण समेत अन्य तरह से प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 10 माह में प्रशिक्षणार्थियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं की योजना बनाई गई है. जिसके तहत नौवीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की विषय विशेषज्ञता की पहचान की जायेगी.
150 डाइट संकायों के लिए व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. जिसमें डाइट्स के विज़ुअलाइज़ेशन व कार्यों के विवरण को शामिल किया जायेगा. इस योजना के तहत प्रत्येक 5 दिनों में कुल तीन कार्यशालाएं आयोजित किये जायेंगे.
जिसमें अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी व विज्ञान बिषय के 200 विशिष्ट मास्टर प्रशिक्षकों की क्षमता विकसित करने का कार्य किया जायेगा.
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