
उदित वाणी, जमशेदपुर: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में साइबर अपराधियों ने आदित्य बिड़ला ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक, 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकाकर 70 लाख रुपये की ठगी कर ली। घटना सामने आने के बाद मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू कर दी है।
परेल इलाके में रहने वाले पीड़ित को एक महिला ने फोन कर खुद को दिल्ली एटीएस कंट्रोल रूम की अधिकारी बताया। इसके बाद वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति दिखाई दिया जिसने खुद को आईजी प्रेम कुमार गौतम कहा। दोनों ने पीड़ित को बताया कि उसका नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच में आया है। साथ ही गिरफ्तारी, पासपोर्ट जब्ती और बैंक खाते फ्रीज करने की धमकी दी।
डर और दबाव में आकर वरिष्ठ नागरिक ने अपनी आय, बैंक खातों, एफडी और शेयर निवेश से जुड़ी जानकारी साझा कर दी। ठगों ने आरबीआई के नाम पर नकली नियम बताकर पैसे को सफेद धन में बदलने का झांसा दिया और 70 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। भरोसा दिलाने के लिए व्हाट्सऐप पर फर्जी आरबीआई रसीदें भी भेजी गईं।
लगातार नजर में रखने और किसी से बात न करने की चेतावनी के बीच जब ठगों ने एक करोड़ रुपये और मांगे, तब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने 28 सितंबर को आर.के. मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मुंबई साइबर क्राइम सेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ठगों द्वारा भेजे गए चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के सबूत जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ट्रेल्स और खातों की जांच कर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

