
उदित वाणी, जमशेदपुर : देश में लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली ने अपने 8 वर्ष पूरे कर लिए हैं. जीएसटी एक्सपर्ट और अधिवक्ता पीयूष चौधरी ने कहा है कि एक जुलाई 2017 को शुरू हुई यह व्यवस्था भारत में अब तक का सबसे बड़ा कर सुधार मानी जाती है. हालांकि, जहां एक ओर इससे व्यापार में सुविधा और कर संग्रहण में पारदर्शिता आई, वहीं दूसरी ओर व्यापारी वर्ग और कर विशेषज्ञ कई अनसुलझी समस्याओं को लेकर चिंतित हैं.
जीएसटी ने पहले की बहुस्तरीय कर प्रणाली को हटाकर पूरे देश में एक समान कर दर लागू की. ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग, ई-इनवॉइस और आईटी-सक्षम निगरानी ने पारदर्शिता और कर अनुपालन को बढ़ावा दिया. मार्च 2024 में 1.87 लाख करोड़ का जीएसटी संग्रहण इस प्रणाली की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है.

