
उदित वाणी, जमशेदपुर: 15 अगस्त 2025 को लोयोला स्कूल, जमशेदपुर में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। समारोह की शुरुआत विद्यालय के रेक्टर रेव. फ्र. माइक टी. राज और प्राचार्य रेव. फ्र. विनोद फर्नांडीस द्वारा ध्वजारोहण से हुई। पूरे विद्यालय परिवार ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी। लहराता हुआ तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और बलिदान की याद दिला रहा था, जिससे पूरे वातावरण में गर्व और श्रद्धा की भावना व्याप्त हो गई।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में रेव. फ्र. माइक टी. राज ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की गीतांजलि से पंक्तियों का उद्धरण करते हुए उस भारत की कल्पना की, “जहाँ मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊँचा उठा हो।” उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता, गरिमा और नैतिक साहस जैसे आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने आज़ादी के समय थे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि भारत का भविष्य उनकी जिम्मेदार और ईमानदार नागरिकता पर निर्भर है, और राष्ट्र निर्माण में हर छोटा प्रयास भी मायने रखता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। सुसज्जित नृत्य, भावपूर्ण देशभक्ति गीत और समूह वाचन के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता के आदर्शों को जीवंत किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक मनमोहक नृत्य-नाटक रहा, जिसमें निराशा, अन्याय और आंतरिक संघर्ष की अंधेरी राह से आशा, स्वतंत्रता और ज्ञान की उजली सुबह तक की मानव यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। संदेश स्पष्ट था — कोई रात इतनी अंधेरी नहीं होती कि वह सूर्योदय को रोक सके; संघर्ष के बाद हमेशा उजाला आता है और आशा हर आत्मा की शाश्वत मार्गदर्शक है।
समारोह का समापन प्राचार्य रेव. फ्र. विनोद फर्नांडीस के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्र के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कार्यों में है — जरूरतमंदों के प्रति सम्मान, ईमानदारी और करुणा के साथ व्यवहार करना ही सच्चा देशभक्ति है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता अनमोल है, जिसे हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोकर और सुरक्षित रखना होगा।

