
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा मोटर्स के 40 कर्मचारी अरका जैन विश्वविद्यालय में बीटेक की पढ़ाई करेंगे. गुरुवार को टाटा मोटर्स कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक प्रोग्राम का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया.
बताते चलें कि इस कोर्स के संचालन के लिए 27 अप्रैल को टाटा मोटर्स व अरका जैन यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू किया गया था. इसी एमओयू के तहत टाटा मोटर्स इम्प्लॉई को बीटेक की डिग्री प्राप्त करने का यह सुनहरा अवसर प्राप्त हो रहा है. ये कर्मचारी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में लेटरल एडमिशन ले पाएंगे.
इस एमओयू के तहत अरका जैन विवि की ओर से एक ऑफलाइन प्रवेशपरीक्षा का आयोजन किय गया था, जिसमें 135 कर्मचारियों ने आवेदन किया था. इनमें से 114 प्रवेशपरीक्षा में शामिल हुए थे. प्रवेशपरीक्षा के आधार पर 40 कर्मचारियों का चयन किया गया था.
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में गुरुवार को टाटा मोटर्स के प्लांट हेड रवींद्र कुलकर्णी, एचआर हेड मोहन गानटा, कॉरपोरेट स्किल डेवलपमेंट के हेड मार्शल फर्नांडिस, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसएस रज़ी, निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव, कैंपस डायरेक्टर डॉ अंगद तिवारी, इंजीनियरिंग के असिसटेंट डीन डॉ अश्विनी कुमार, सुधांशु पाढ़ी, प्रशांत मेहता आदि मौजूद थे.
ओरिएंटेशन सत्र में टाटा मोटर्स के प्लांट हेड रवींद्र कुलकर्णी ने कहा कि वर्त्तमान समय में इलेक्ट्रिक सेक्टर की महत्ता बढ़ी है और ऐसे में अरका जैन विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की बारीकियां, जनरल इलेक्ट्रिक सेफ्टी, तकनीकी ज्ञान और अनुभव लेकर अपने कैरियर को और बेहतर कर सकते हैं साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल के दौर में अपनी उपयोगिता ज्यादा सिद्ध कर सकते हैं.
एचआर हेड मोहन गानटा ने कहा कि पढ़ाई को एन्जॉय करके बेहतर परिणाम पाए जा सकते हैं. कुलपति डॉ रज़ी ने कहा कि विश्वविद्यालय टाटा मोटर्स कर्मियों को अपने बीटेक प्रोग्राम को अच्छी तरह से पूरी करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा और शिक्षकों के मार्गदर्शन उन्हें नियमित प्राप्त होगा.
निदेशक अमित श्रीवास्तव ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है कि टाटा मोटर्स ने उनपर भरोसा जताया है.
उन्होंने बेहतरीन शैक्षणिक सहयोग के लिए सभी को आश्वस्त किया. मार्शल फर्नांडिस ने भी इसे एक नयी शुरुआत बताया और आशा व्यक्त किया कि इस प्रोग्राम से टाटा मोटर्स के वर्कफोर्स में गुणवत्ता की वृद्धि होगी.


