
उदित वाणी, जमशेदपुर : बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित खालसा स्कूल के समीप चार वर्षीय मासूम आरुष की दर्दनाक मौत के बाद रविवार को परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर परिवार के लोग सीधे खालसा स्कूल के बाहर पहुंचे और बच्चे के शव को सड़क पर रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी नहीं होती, वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को आरुष अपनी दादी के साथ खालसा स्कूल आया था। वह अपने भाइयों को छुट्टी के बाद लेने के लिए स्कूल के पास इंतजार कर रहा था। इसी दौरान स्कूल के बाहर सड़क किनारे खेलते समय तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल आरुष को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो वे आक्रोशित हो उठे। परिजन शव को गोद में लेकर खालसा स्कूल के बाहर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे। उनका आरोप है कि हादसे के बाद भी पुलिस ने आरोपी कार चालक को गिरफ्तार करने में तेजी नहीं दिखाई, जिससे परिवार में नाराजगी और बढ़ गई है।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल काफी भावुक हो गया। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपी चालक की गिरफ्तारी नहीं होती और उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुट गई।

