
उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की संवेदनशीलता, व्यक्तिगत प्रयास व त्वरित पहल से मणिपुर के हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में फंसे झारखंड के 21 छात्र-छात्राओं की मंगलवार को सकुशल वापसी हुई.
इन सभी विद्यार्थियों को सुबह इंफाल से पटना के लिए एयरलिफ्ट किया गया और फिर पटना से 18 छात्र-छात्राओं को बस से रांची लाया गया. जबकि तीन विद्यार्थी पटना से अन्य जिलों में स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए. इन सभी विद्यार्थियों ने मणिपुर में जारी हिंसा के बीच सकुशल झारखंड वापसी के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है.
ज्ञात हो कि श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को मणिपुर हिंसा में फंसे झारखंड के 34 छात्र-छात्राओं की सूची प्राप्त हुई थी. इनमें से 22 विद्यार्थी झारखंड स्थित अपने घर वापस आना चाहते थे.
मणिपुर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय, आईआईटी मणिपुर और अन्य विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करनेवाले रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो व धनबाद के 21 विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने पहल शुरू की थी.
इसके बाद राज्य सरकार के श्रम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से इनका हवाई टिकट कंफर्म किया गया. इसके बाद मंगलवार को सभी विद्यार्थियों को एयर लिफ्ट करा कर पहले इंफाल से पटना लाया गया.
रांची जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को रिसीव करने के लिए एक अधिकारी को पटना भी भेजा गया था. जहां से उक्त अधिकारी ने 18 विद्यार्थियों को बस से रांची लाया.

