
हिंदुस्तान कॉपर : वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक का सर्वाधिक 1812 करोड़ रुपये का शुद्ध कारोबार, कर पूर्व लाभ 338 फीसदी बढ़कर 381.76 करोड़ रूपए हुआ
– एचसीएल की 55वीं वार्षिक आम सभा कोलकाता में हुई
उदित वाणी, जमशेदपुर: हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की 55 वीं वार्षिक आम सभा बुधवार को कोलकाता में हुई. एचसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अरुण कुमार शुक्ल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शेयरधारकों को संबोधित किया. शेयरधारकों ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक खातों और लाभांश का भुगतान पूंजी के 23.20 फीसदी के बराबर और इस खाते पर कुल भुगतान 112.17 करोड़ करे की घोषणा की. बैठक में भारत सरकार के खान मंत्रालय के प्रकाश मुंधारीकर, संजय पंजियार, घनश्याम शर्मा, संजीव कुमार सिंह ने भी भाग लिया.
कंपनी की विस्तार योजनाओं के बारे में बताया
शुक्ल ने शेयरधारकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें कंपनी की चालू खान विस्तार योजनाओं से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि एचसीएल की प्रमुख परियोजना मलंजखंड भूमिगत खदान से उत्पादन शुरू हो चुका है. आगे कहा कि कंपनी अपने उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रही है. सीएमडी, एचसीएल ने यह भी बताया कि कंपनी ने अपने आंतरिक स्रोतों से वित्त वर्ष 2021-22 में 729 करोड़ रुपये का ऋण चुकाया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे की बढ़ती मांग के कारण आने वाले दिनों में कॉपर एलएमई मूल्य में वृद्धि पर प्रकाश डाला. शेयरधारकों ने एजीएम नोटिस के अनुसार अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. मतदान के परिणाम स्टॉक एक्सचेंजों में दर्ज किए जाएंगे और 29.9.2022 को कंपनी की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे.
शून्य कार्बन उत्सर्जन के दौर में तांबे की महत्ता बढ़ेगी
जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था ऊर्जा संक्रमण के माध्यम से शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन की ओर बढ़ रही है, तांबे की भूमिका सबसे कुशल प्रवाहकीय सामग्री के रूप में बनी रहती है, जो हरित ऊर्जा को पकड़ने, भंडारण और परिवहन के लिए अपरिहार्य है. इसलिए कम कार्बन अर्थव्यवस्था पर जोर देने के कारण तांबे की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की भविष्यवाणी की गई है.
एजीएम के अहम बिंदू
- अबतक का सर्वाधिक 1812 करोड़ रुपये का शुद्ध कारोबार.
- करपूर्व लाभ 338 फीसदी बढ़कर 381.76 करोड़ रु. हो गया है.
- लाभांशभुगतान वित्तीय वर्ष के पीएटी का 30.01 फीसदी है. प्रति शेयर लाभांश कंपनी द्वारा अब तक घोषित सबसे अधिक है.
- कंपनीक्यूआईपी के माध्यम से बाजार से इक्विटी जुटाने वाली पहली गैर-बैंकिंग सीपीएसई है. आय का उपयोग इसके चल रहे खनन कैपेक्स को निधि देने के लिए किया जा रहा है.
- कंपनीको अपनी उधार सीमा के लिए ICRA A1+ (अल्पकालिक पैमाने पर सर्वोत्तम संभव रेटिंग) और ICRA AA+ (स्थिर) (दीर्घकालिक पैमाने पर दूसरी सर्वश्रेष्ठ रेटिंग) का दर्जा दिया गया है.

