
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई ईदगाह मैदान में आशिक़ान-ए-रसूल कमेटी की ओर से “आई लव मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम” के बैनर तले एक धार्मिक जनसभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान विशेष मेहमान के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने महत्वपूर्ण संदेश दिए. उन्होंने कानपुर में उन मासूम बच्चों की गिरफ्तारी पर कड़ी नाराज़गी जताई, जो केवल अपने धार्मिक जज़्बात का शांतिपूर्ण इज़हार कर रहे थे.
कानपुर की गिरफ्तारी ने क्यों बढ़ाई “आई लव मोहम्मद” की आवाज?
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बच्चों को “आई लव मोहम्मद” के बैनर लेकर घूमने पर गिरफ्तार कर तानाशाही रवैया अपनाया है. इसके परिणामस्वरूप न केवल पूरे भारत, बल्कि विश्व के मुसलमानों ने इस मुहिम को समर्थन दिया और सड़कों पर इस नाम को लेकर उतरे. उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में सभी को अपने धार्मिक विश्वासों का शांतिपूर्ण इज़हार करने का अधिकार है, जिसे रोकना संविधान विरोधी है. उन्होंने सरकार से तत्काल बच्चों को रिहा करने और देश में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की.
मोहब्बत-ए-रसूल की जगह धर्म में कितना मायने रखती है?
सभा की व्यवस्था एवं संचालन काजी मुश्ताक अहमद ने किया. शहर के विभिन्न बड़े उलमा और मशाइख़ जैसे मुफ़्ती सलाहुद्दीन निज़ामी, मौलाना मोतीउल्लाह, मौलाना बुरहानुल हुदा, मौलाना अबू हुरैरा, मौलाना शमशादुल कादरी और मौलाना इरफ़ान ने प्रेम-ए-रसूल पर जोरदार भाषण दिए. उन्होंने कहा कि मोहब्बत-ए-रसूल हर मुसलमान के ईमान की आत्मा है और इसे दिल से निकालना किसी भी हाल में संभव नहीं. यह मोहब्बत संघर्ष और समर्पण की निशानी है जो सदैव जीवित रहेगी.
शांतिपूर्ण समापन और सामूहिक दुआ
कार्यक्रम का समापन सलात-ओ-सलाम और सामूहिक दुआ के साथ हुआ, जिसमें सभी लोगों ने एकजुटता और प्रेम का संदेश दिया.
