
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने रॉयल्टी बकाया रखने के मामले में पैनम कोल माइन्स कंपनी के खिलाफ कुर्की जब्ती के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि संपत्ति कुर्क करने में बंगाल के वर्धमान जिले के एसपी भी झारखंड पुलिस को सहयोग करें.
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पैनम कोल माइंस पर कोयला खनन के एवज में 118 करोड़ रुपये की रॉयल्टी बकाया है. झारखंड के दुमका जिले के ऑफिसर ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ वारंट और कुर्की का आदेश पहले ही जारी कर दिया है, लेकिन इसपर कार्रवाई नहीं हो रही है.
उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार ने दुमका और पाकुड़ जिलों में कोयला खनन के लिए पैनम माइंस कंपनी को लीज पर जमीन दी थी. आरोप है कि कंपनी ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए तय सीमा से अधिक मात्रा में कोयला खनन किया, जिससे राज्य सरकार को 100 करोड़ से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ.
स्थानीय ग्रामीणों और कई संस्थाओं ने जब यह मामला उठाया, तो इसकी जांच कराई गई थी. जांच में कंपनी द्वारा अवैध खनन के कारण सरकार को राजस्व हानि की पुष्टि हुई. बावजूद इसके सरकार ने अब तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की है. इस मामले में जनहित याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने कोर्ट को बताया कि पैनम माइंस के प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को न तो पुनर्वास की सुविधा मिली और न ही अन्य मौलिक सहूलियतें. इसके चलते स्थानीय लोगों में असंतोष है और पर्यावरणीय नुकसान भी सामने आए हैं. कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 11 अगस्त निर्धारित की है.
(आईएएनएस)

