
उदित वाणी, रांची : ईडी द्वारा राशि जमा किये जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से एजेंसी को रांची में क्षेत्रीय कार्यालय खोलने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करायी गई. इसको लेकर ईडी की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. ईडी ने दाखिल याचिका में अदालत को बताया कि 1.98 एकड़ जमीन के लिए एजेंसी की ओर से 4.10 करोड़ रुपये मुल्य की जमीन के एवज में 3.12 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया है और जमीन ईडी को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया है. लेकिन रुपये जमा करने के तीन साल बाद भी ईडी को जमीन नहीं मिली.
वहीं बर्ष 2022 में जमीन की संशोधित कीमत के आधार पर रांची के तत्कालीन उपायुक्त ने ईडी को जमीन की कुल कीमत 14.16 करोड़ रुपये बताई गई और उसके अनुरूप 80 प्रतिशत राशि यानी 11.33 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त के इस निर्देश के विरुद्ध ईडी ने मुख्यसचिव से शिकायत की और जमीन की मनमानी कीमत तय करने का आरोप लगाया. ईडी ने यह भी बताया कि पूर्व में तय कीमत के आधार पर ही केंद्र से प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी.
इस शिकायत के बाद बर्ष 2023 में तत्कालीन उपायुक्त ने जमीन की कुल कीमत में फिर से संशोधन कर 4.10 करोड़ रुपये निर्धारित की और ईडी द्वारा पूरी राशि जमा कर गई. लेकिन जमीन अब तक नहीं मिली. ईडी ने कोर्ट को बताया कि एजेंसी ने अपने क्षेत्रीय कार्यालय के लिए बर्ष 2018 में ही राज्य सरकार से पांच एकड़ जमीन देने का अनुरोध किया था. ईडी के अनुरोध पर राज्य सरकार की गठित कमिटी ने सिर्फ दो एकड़ जमीन आवंटित करने पर सहमति दी.
इसके बाद बर्ष 2019 में रांची के तत्कालीन उपायुक्त ने रांची के मुड़मा में ईडी को देने के लिए 1.98 एकड़ जमीन चिह्नित किए जाने की जानकारी दी थी. परंतु राशि जमा करने के तीन साल बाद भी ईडी को जमीन नहीं दी गई. ज्ञात हो कि ईडी द्वारा फिलवक्त पूर्व मंत्री और कोलेबिरा के पूर्व विधायक एनोस एक्का के रांची के हिनू एयरपोर्ट रोड स्थित जब्त बंगले को अपने क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में संचालित किया जा रहा है. ईडी ने 28 सितंबर 2018 को ही इस बंगले को जब्त किया था.
