उदित वाणी, झारखंड: बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापितों को नौकरी देने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया, जब कांग्रेस की स्थानीय विधायक श्वेता सिंह को धरना देने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई चास अनुमंडल क्षेत्र में लागू धारा 163 के उल्लंघन के आरोप में की गई।
3 अप्रैल को प्लांट गेट पर नियोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और प्रशासन ने एहतियातन धारा 163 लागू कर दी है।
घटना के दो दिन बाद भी न तो बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट आश्वासन मिलने पर विस्थापितों का आक्रोश और बढ़ गया। शुक्रवार रात को प्रशासन, प्लांट प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों के बीच वार्ता भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
वार्ता विफल होने के बाद विधायक श्वेता सिंह ने शनिवार को प्लांट के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें हिरासत में लेकर सर्किट हाउस स्थित कैंप जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद विधायक श्वेता सिंह ने प्रशासन और प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “विस्थापितों की आवाज को दबाने की साजिश रची जा रही है, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे। यह आंदोलन फिर शुरू होगा और विस्थापितों को उनका अधिकार दिलाने तक जारी रहेगा।”
फिलहाल, बोकारो में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है।
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