
उदित वाणी, रांची : राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता के पद पर बने रहने को लेकर केन्द्र व राज्य सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच महालेखाकार कार्यालय द्वारा उन्हें औपबंधिक [प्रोविजनल] पे-स्लिप जारी करने का निर्णय लिया गया है. एजी कार्यालय ने औपबंधिक पे-स्लिप जारी करने की सहमति के साथ यह शर्त जोड़ी है कि अगर हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति को अवैध ठहराया जाता है, तो उनके द्वारा प्राप्त वेतन की रिकवरी की जाएगी.
वहीं यदि नियुक्ति वैध मानी जाती है तो उन्हें नियमित वेतन मिलता रहेगा. राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा महालेखाकार को लिखे गए पत्र के आलोक में महालेखाकार द्वारा गुप्ता का औपबंधिक पे-स्लिप जारी करने का निर्णय लिया गया है. ज्ञात हो कि राज्य सरकार की ओर से महालेखाकार को पत्र लिखकर कहा गया था कि अनुराग गुप्ता को डीजीपी पद पर नियुक्ति नई नियमावली के तहत फरवरी 2027 तक के लिए की गई है. हालांकि अनुराग गुप्ता को डीजीपी के पद पर बनाये रखने का मामला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित है. जिसकी वजह से गुप्ता के लिए औपबंधिक पे-स्लिप जारी करने का निर्णय लिया गया है.
गौरतलब है कि 8 जनवरी 2025 को नई नियमावली झारखंड पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक [पुलिस बल प्रमुख] चयन और नियुक्ति नियम 2025 गठित कर अनुराग गुप्ता को 2 फरवरी 2025 से दो बर्षों के लिए नियुक्ति की गई है. परंतु केंद्र सरकार ने 22 अप्रैल 2025 को झारखंड के मुख्यसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल 2025 को 60 बर्ष की आयु पूरी होने के कारण सेवानिवृत्त हो चुके हैं. केंद्र ने उनकी सेवा विस्तार को अस्वीकार करते हुए इसे अखिल भारतीय सेवा नियमों और सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले के निर्देशों का उल्लंघन बताया है. जबकि राज्य सरकार द्वारा झारखंड सरकार ने तर्क दिया है कि गुप्ता की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप नई नियमावली के तहत की गई है.
इधर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी गुप्ता की नियुक्ति को असंवैधानिक करार देते हुए झारखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. मरांडी का आरोप है कि राज्य सरकार ने यूपीएससी की सिफारिशों को दरकिनार कर गुप्ता को राजनीतिक लाभ के लिए नियुक्त किया है. वहीं हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित है. अनुराग गुप्ता 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें 26 जुलाई 2024 से कार्यवाहक डीजीपी और 2 फरवरी 2025 से नियमित डीजीपी नियुक्त किया गया है.
