
उदित वाणी, जमशेदपुर: नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बुधवार को इंटक का दो दिवसीय प्लेनरी सेशन शुरू हुआ. इस सेशन में जमशेदपुर की विभिन्न यूनियनों के 150 नेताओं समेत झारखंड से 450 प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं.
सम्मेलन में भाग ले रहे टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने इम्प्लाई प्रोविडेंट स्कीम (ईपीएस) को लेकर इंटक अध्यक्ष संजीवा रेड्डी को ज्ञापन सौंपा और इस बारे में व्यापात उहापोह की स्थिति खत्म करने की मांग की.
इसके पहले समारोह का उदघाटन करते हुए कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार को मजदूर विरोधी बताया और कहा कि इस सरकार ने 32 लाख रोजगार को खत्म कर दिया. सरकार, पब्लिक सेक्टर को बेच रही है और चार लेबर कोड लाकर मजदूरों के हक को मारने का काम कर रही है.
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने इंटक की स्थापना की. हमारी कोशिश होगी कि इंटक का सम्मान बना रहे. पहले दिन कामगारों को सुरक्षा देने के साथ उसे संगठित करने, बहुसंख्यक कामगारों को श्रम कानून के दायरे में लाने, वर्किंग क्लास के अधिकार और उनके रोजगार को सुरक्षित रखने प्रस्ताव लाया गया और उसे पारित किया गया.
दूसरे दिन 23 फरवरी को इंटक के नेशनल और स्टेट काउंसिल का चुनाव होगा. लेकिन सूत्रों का कहना है कि चुनाव के नाम पर मनोनयन होता है. इस बार भी इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीवा रेड्डी के बनने की पूरी संभावना है.

