
उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन के अस्वस्थ होने के बावजूद, आज दिल्ली से ही ऑनलाइन माध्यम से झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के केंद्रीय महाधिवेशन में भाग लिया। दिल्ली में रहते हुए उन्होंने रांची में आयोजित कार्यक्रम के प्रतिभागियों को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री का यह संदेश श्रमिकों को देगा नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्वीट में लिखा: “झारखंड के आदिवासियों-मूलवासियों, श्रमिकों और विस्थापितों को उनका हक-अधिकार दिलाने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं और यह संकल्प आगे भी जारी रहेगा।” उनकी यह बात यूनियन सदस्यों के बीच साहस, उम्मीद और विश्वास का संदेश लेकर आई।

राज्य और श्रमिकों के हितों के बीच कैसे बन रहा है सेतु?
झारखंड सरकार द्वारा लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि कोल परियोजनाओं में काम कर रहे श्रमिकों को न केवल रोज़गार सुरक्षा, बल्कि आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिले। मुख्यमंत्री का यह ऑनलाइन जुड़ाव दर्शाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, सरकार जनसरोकार के मंचों से स्वयं को दूर नहीं रखती। कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री के इस संवाद को संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल बताया और आशा जताई कि उनके निर्देशों पर राज्य सरकार श्रमिक हितों की दिशा में और प्रभावी कार्य करेगी।
स्वास्थ्य संकट में भी नेतृत्व से पीछे नहीं हटे हेमंत सोरेन
शिबू सोरेन की तबीयत खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री इस समय दिल्ली में पारिवारिक देखभाल में व्यस्त हैं, फिर भी उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि यूनियन के इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन बना रहे।

