
उदित वाणी, रांची: भारत के पूर्व कप्तान और विश्व क्रिकेट के लीजेंड महेंद्र सिंह धोनी ने सोमवार को अपना 44वां जन्मदिन मनाया. रांची स्थित उनके फार्महाउस में सादगीपूर्ण वातावरण में केक काटा गया. वहीं फैंस देशभर से उन्हें शुभकामनाएं देने पहुंचे. सोशल मीडिया पर ‘#HappyBirthdayDhoni’ ट्रेंड करता रहा.इसी क्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी धोनी को बेहद खास अंदाज़ में जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
झारखण्ड के लाल Captain Cool Mahi को जन्मदिन की ढेरों बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।
मरांग बुरु आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन प्रदान करें, यही कामना करता हूँ। pic.twitter.com/htY18UynlE— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 7, 2025
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर धोनी की उपलब्धियों को याद करते हुए लिखा,
“झारखंड के सपूत और भारत रत्न सरीखे व्यक्तित्व महेंद्र सिंह धोनी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. आपने न केवल देश को कई गौरवमयी क्षण दिए, बल्कि रांची और झारखंड को भी वैश्विक पहचान दिलाई. ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ और प्रसन्न रहें.”
रांची में फैंस का उत्साह, फार्महाउस बना सेलिब्रेशन स्थल
माही के होमटाउन रांची में उनका जन्मदिन किसी त्योहार से कम नहीं. सुबह से ही फैंस उनके सिमलिया स्थित फार्महाउस पहुंचकर केक काट रहे हैं, पोस्टर-बैनर लेकर बधाइयाँ दे रहे हैं. कई जगहों पर विशाल स्क्रीन पर धोनी की पुरानी पारियां चलाई जा रही हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई माही को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने में जुटा है.
माही: सिर्फ क्रिकेटर नहीं, झारखंड की पहचान
महेंद्र सिंह धोनी मूल रूप से रांची के निवासी हैं. उनका आवास रांची में स्थित एक भव्य बंगला है, जिसे ‘कैलाशपति’ के नाम से जाना जाता है. यह बंगला अपनी विशालता और आधुनिक सुविधाओं के कारण किसी राजमहल से कम नहीं है. वर्ष 2017 में धोनी ने इस शानदार आवास में प्रवेश किया था. इससे पहले वे रांची के हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित एक तीन मंजिला साधारण मकान में रहते थे. इसके अतिरिक्त धोनी के पास मुंबई में भी एक आलीशान आवास है. साथ ही उन्होंने देहरादून में भी एक भव्य बंगला वर्ष 2011 में खरीदा था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 17.8 करोड़ रुपये है.महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं. रांची जैसे अपेक्षाकृत छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शीर्ष पर पहुंचना, एक पूरी पीढ़ी को यह यकीन दिलाता है कि सपने पूरे हो सकते हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री ने भी अपने संदेश में इस बात को रेखांकित किया कि माही की सफलता ने राज्य के युवाओं में आत्मविश्वास का संचार किया है.
धोनी क्रिकेट इतिहास के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने टी20 विश्व कप (2007), वनडे विश्व कप (2011) और चैम्पियंस ट्रॉफी (2013) जीते. उनकी कप्तानी में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में भी शीर्ष स्थान प्राप्त किया और वह लगभग 18 महीने तक नंबर-1 टीम रहा. पिछले महीने धोनी को आईसीसी हॉल ऑफ फेम 2025 में शामिल किया गया, जो उनके करियर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है.
टिकट कलेक्टर से करोड़पति क्रिकेटर तक
बहुत कम लोग जानते हैं कि धोनी ने अपने करियर की शुरुआत रेलवे में टिकट कलेक्टर के रूप में की थी. यहीं से उन्होंने घरेलू क्रिकेट में चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और फिर एक नई गाथा शुरू हुई. 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीतकर वह रातोंरात स्टार बन गए. इसके बाद 2011 और 2013 की उपलब्धियों ने उन्हें ‘कैप्टन कूल’ के रूप में स्थापित कर दिया.
धोनी केवल नाम नहीं, एक युग हैं
धोनी भले ही अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन उनका असर आज भी गहरा है. उनका जीवन एक प्रेरणा है – साधारण परिवेश से निकलकर असाधारण सफलता तक की यात्रा. रांची के इस सपूत ने न सिर्फ झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर स्थान दिलाया, बल्कि पूरे देश को गर्व करने का मौका दिया.

