
उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड में नई शराब नीति लागू होने के बाद से शराब की बिक्री अभी तक व्यवस्थित नहीं हो पायी है. एक ओर पुरानी दुकानें खुल नहीं पायी हैं तो वहीं रिहायशी इलाकों के नजदीक मरीन ड्राइव में नई शराब दुकान खोलने की अनुमति दी गई है कदमा विजया हेरिटेज अनिलसुर पथ के समीप मरीन ड्राइव में एक नई शराब की दुकान खोली गई है. इस दुकान के खुलने से स्थानीय लोगों में रोष है. जिस स्थान पर शराब की दुकान खोली गई है उसके चंद दूरी पर ही ढाबानुमा होटल है, लोगों का मानना है कि इस दुकान के खुलने से यहां शराबियों का जमावड़ा लगेगा. अभी से देर रात मरीन ड्राइव के सर्विस लेन पर लोग कार व मोटरसाइकिल लगा कर खाना पीना शुरू कर दिए हैं.
अधिकांश दुकानें बंद, बार व अवैध शराब अड्डों पर भीड़
नई शराब नीति लागू होने के बाद से जिले की अधिकांश दुकानें किसी ना किसी कारण से बंद हैं. जो दुकानें खुली भी हैं वहां शराब की सप्लाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है. यही कारण है कि शराब एमआरपी से ज्यादा दाम पर बिक रही है. जो दुकानें खुली हैं वहां भी ज्यादा भीड़ उमड़ रही है. ढ़ाबों और होटलों में शराब पीने के शौकीनों की भीड़ लग रही है. बेचने वाले मुंहमांगे दाम वसूल रहे है. शराब दुकान में जो शराब की फुल बोतल बंद होने के पहले 700 रुपये में उपलब्ध होती थी. अवैध अड्डों पर एक हजार से 1050 रुपये में बेची जा रही है. बीयर 150 की जगह 220 में उपलब्ध कराई जा रही है.
130 में 50 ही दुकानें खुलीं, धड़ल्ले से हो रही ब्लैक मार्केटिंग
पूर्वी सिंहभूम जिले में करीब 130 से अधिक शराब दुकान के काउंटर थे. दो मई के बाद से मात्र 50 दुकानें ही संचालित हो रही हैं. जो दुकानें खुली हैं वे भी काम चलाऊ स्थिति में हैं. सामान्य ब्रांड की शराब मिल रही है. बीयर तो बिल्कुल नहीं है. जब सरकारी दुकान में शराब उपलब्ध नहीं है तो ऐसे में बस्ती इलाके में कैसे शराब की बिक्री हो रही है? व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. स्वाभाविक है कि वहां नकली शराब बनाने और बेचने वाले गिरोह से जुड़े लोग शराब की आपूर्ति कर रहे और मालामाल हो रहे हैं. हाल ये है कि अब अवैध शराब अड्डों पर भी शराब की किल्लत होती जा रही है. ऐेसी भी आशंका है कि बारकोड ट्रैकिंग नहीं होने से सरकारी गोदामों से ही इन अवैध शराब ठिकानों में शराब की सप्लाई की जा रही है.

