
उदित वाणी, रांची : मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय बर्ष के सीएजी द्वारा सरकार की वित्तीय प्रबंधन पर दी गई प्रतिवेदन में वित्तीय प्रबंधन, वित्तीय गड़बड़ी और कई अन्य तरह की विसंगतियों की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है. इस रिपोर्ट में राज्य के राजस्व संग्रह में बकाया राशि का खुलासा किया गया है. जो सरकार के लिए चिंता का बिषय है. इस प्रतिवेदन को सोमवार को वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सभा पटल पर रखा है.
प्रतिवेदन में कहा गया है कि पेंशन भुगतान में कई तरह की अनियमितताएं पायी गयी है. आईएफएमएस डेटाबेस के बिश्लेषण से पता चला कि पेंशन भुगतान से संबंधित 11 लाख 89 हजार 931 संव्यवहारों में से सिर्फ 8 लाख 18 हजार चार मात्र 68.74 प्रतिशत संव्यवहारों में ही पीपीओ संख्या दर्ज पाए गए. डेटा बिश्लेषण से यह भी पता चला कि 344 मामलों में डीसीआरजी/सीभीपी की प्राधिकृत अनुमान्य राशि के विरुद्ध कोषागारों द्वारा पेंशनभोगियों को कुल ₹11 करोड़ का अधिक भुगतान किया गया था.

