उदित वाणी, कोडरमा: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), जमशेदपुर शाखा कार्यालय ने 27 मार्च को कोडरमा के गुझंडी स्थित मेसर्स त्रिवेणी गोल्ड पाइप के परिसर में छापेमारी की. यह फर्म विद्युत प्रतिष्ठानों के लिए पाइप बनाने का काम करती है और बिना वैध लाइसेंस के अपने उत्पादों पर ISI मार्क का दुरुपयोग कर रही थी.
आईएसआई मार्क के दुरुपयोग की सूचना
BIS को ISI मार्क के दुरुपयोग के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई थी. इस सूचना के आधार पर BIS ने अपनी छापेमारी की योजना बनाई और इसके लिए एक समर्पित टीम का गठन किया. टीम में कौशलेंद्र कुमार, दिलीप चट्टर, और रोहित कुमार, पीएस शामिल थे.
36,570 पाइप जब्त किए गए
BIS की कार्रवाई के दौरान 36,570 पाइप (प्रत्येक की लंबाई 3 मीटर) जब्त किए गए, जिन पर अवैध रूप से आईएसआई मार्क लगा हुआ था. इन पाइपों का उत्पादन BIS के लाइसेंसिंग मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किया गया था. सभी जब्त किए गए सामान को BIS की टीम ने कब्जे में ले लिया.
भारतीय मानक ब्यूरो का सख्त रुख
वैज्ञानिक कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि इस फर्म ने भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 17 का उल्लंघन किया है. उन्होंने आगे बताया कि इस तरह के उल्लंघन के तहत BIS अधिनियम की धारा 29 (3) के अंतर्गत 2 साल तक की कैद या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जो जब्त किए गए सामान के मूल्य का 10 गुना तक हो सकता है.
BIS की प्रतिबद्धता
BIS बाजार में बेचे जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. राष्ट्रीय मानकों के किसी भी उल्लंघन के खिलाफ BIS कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा.
उदित वाणी टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है। यहां क्लिक करके आप सब्सक्राइब कर सकते हैं।