
उदित वाणी, रांची : झारखंड में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की तरफ से पेश किए गए अनुपूरक बजट को लेकर सवाल उठाया.
उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट पेश किया गया. वित्त मंत्री की तरफ से बड़ी-बड़ी बातें की गईं. कहा गया कि हम विभिन्न क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को नई गति प्रदान करेंगे, लेकिन आज की तारीख में प्रदेश की स्थिति कुछ ऐसी बनी हुई है कि कई जगहों पर सरकार की उदासीनता की वजह से कई कार्य रुके हुए हैं. मेरा सीधा सा सवाल है कि क्या हम प्रदेश में इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार कर सकते हैं?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर हम प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग की बात करें, तो 2024-25 में आठ हजार करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन कॉन्ट्रेक्टर को सिर्फ दो हजार करोड़ रुपए ही दिए गए. इसकी वजह से प्रदेश में सभी काम रुके हुए हैं. इससे प्रदेश का विकास प्रभावित हो रहा है. ऐसा करके हम प्रदेश के विकास को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. कुल मिलाकर इसी तरह की हालत अन्य विभागों में भी बनी हुई है. यह सरकार की उदासीनता को दिखा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह अनुपूरक बजट वास्तविकता से कोसों दूर है. इस तरह के बजट को प्रदेश की जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार करने वाली नहीं है. सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं है. अगर किसी चीज की कमी है, तो वो है इच्छा शक्ति. इसी वजह से प्रदेश का विकास रुका हुआ है या यूं कहें कि विकास की गति धीमी है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रदेश का सभी काम रुका हुआ है. जब तक इन कामों को शुरू नहीं किया जाएगा, तब तक प्रदेश में विकास की गति कैसे तेज होगी?
(आईएएनएस)

