
उदित वाणी, आदित्यपुर : भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव ने छठ पर्व के अवसर पर चांडिल के शहरबेड़ा नदी घाट पर तीन व्यक्तियों के डूबने की घटना पर दुख जताया है तथा कहा कि उल्लास के पर्व पर ऐसी घटना घटित होना दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद दुखद है. जिला भाजपा की संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है. राज्य सरकार को पीड़ित परिवार को मुआवजा देना चाहिए. उन्होंने संबंधित घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है.
इस संबंध में बयान जारी कर श्री सिंहदेव ने कहा कि जब जिला उपायुक्त का निर्देश था कि खतरनाक घाटों पर डेंजर जोन की पट्टिका लगाने और घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो ऐसा क्यों नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं. इस घाट पर पहले भी हादसे हो चुके हैं, तो फिर प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा के उपाय क्यों नहीं किये गये थे. अगर प्रशासन मुस्तैद रहता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था.

बालू चोरों ने नदी से खखोर लिया है बालू: उदय सिंहदेव श्री सिंहदेव ने कहा कि कई छठ घाटों पर भ्रमण के दौरान यह देखने को मिला कि बालू चोरों के द्वारा नदी से बालू को पूरी तरह खखोर लिया गया है, जिससे नदी की गहराई बढ़ गई है. पानी के बीच उभर आए गड्ढे का अंदाज़ा लगाना किसी के लिए भी संभव नहीं, इन गड्ढों की वजह से दुर्घटना की आशंका साफ़_साफ़ दिख रही थी.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था की बात करता है, तो स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को घाटों पर जाकर व्यवस्था देखना चाहिए था? अगर उन्होंने छठ घाटों का भ्रमण किया था, तो क्या आला अधिकारियों को नदी के हालत नहीं दिखे? उक्त जानकारी जिला भाजपा के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने दी.

