
उदित वाणी, आदित्यपुर : झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) ने प्रदेश की पात्र औद्योगिक इकाइयों के लिए हरित ऑडिट योजना शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना को राज्य के सतत औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन, क्षेत्रीय उप निदेशक दिनेश रंजन, ऑटो क्लस्टर के प्रबंध निदेशक एस.एन. ठाकुर तथा आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसिया) के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल मौजूद थे.
कार्यक्रम में बताया गया कि हरित ऑडिट के तहत औद्योगिक इकाइयों में ऊर्जा, जल और सामग्री उपयोग की दक्षता का परीक्षण किया जाएगा. अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालन हेतु आवश्यक सिफारिशें दी जाएंगी.
जियाडा अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सरकार पात्र औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी तथा निर्धारित सीमा तक ऑडिट की लागत वहन करेगी. पात्रता मानदंड के अनुसार, यह लाभ केवल उन्हीं एमएसएमई इकाइयों को मिलेगा जो उद्यम पंजीकरण के तहत पंजीकृत हैं या ऑटो कंपोनेंट निर्माण से संबंधित हैं. साथ ही, उनके पास सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां होना अनिवार्य रहेगा.
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा, इसरो के अध्यक्ष रूपेश कतरियार, एसिया के पूर्व अध्यक्ष संतोष खेतान, प्रवीण गुटगुटिया, संतोख सिंह, दशरथ उपाध्याय, राजीव रंजन मुन्ना, हंसराज जैन, मनोज सहाय, विमल साहू, राजेश सिंह, सुधीर सिंह, देवांग गांधी, पंकज कुमार, चंदन तिवारी, विदिशा मुखर्जी और पूनम सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे.

