
उदित वाणी, आदित्यपुर : झारखंड सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों में स्वीकृत खाली पदों को समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है. वर्तमान समय में विभिन्न सरकारी विभागों में हजारों पद रिक्त हैं. और एक कर्मचारी को अपने कार्य के अतिरिक्त अन्य टेबुलों का भी काम करना पड़ता है. फिर भी कर्मचारियों की कमी के कारण कार्य लंबित पड़े हैं.
सरकार द्वारा बार-बार खाली पदों पर भर्ती करने की घोषणाएं भी की जाती है. परन्तु अब झारखण्ड सरकार द्वारा रिक्त पदों पर झारखंड के युवाओं की नियुक्ति करने के स्थान पर विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को ही समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है. इसका ताजा उदाहरण हाल में ही जल संसाधन विभाग, झारखण्ड के पत्र संख्या_5300, दिनांक 30.10.25 द्वारा विभाग में रिक्त पदों को प्रत्यावर्तित (समाप्त) करने हेतु सभी मुख्य अभियंताओं से प्रस्ताव मांगना है.
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (त्रिपाठी गुट) ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों को समाप्त करने की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है तथा राज्य सरकार एवं मुख्य मंत्री से विभिन्न सरकारी विभागों में वर्ग 3 एवं वर्ग 4 के रिक्त पदों पर झारखंड के युवाओं को नौकरी देने की मांग की है, ताकि कार्यरत कर्मचारियों को कार्य के अतिरिक्त बोझ से मुक्ति मिल सके तथा सरकारी विभागों में लंबित कार्यों का ससमय निष्पादन हो. और झारखण्ड के हजारों बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिल सके.
स्वीकृत रिक्त पदों को समाप्त करने की कार्रवाई के विरुद्ध उग्र आंदोलन करेगा कर्मचारी महासंघ महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष विमल कुमार सिंह, प्रांतीय संयुक्त सचिव प्रणव शंकर, जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार सिन्हा एवं उपाध्यक्ष राजीव चौबे ने संयुक्त रुप से बयान जारी कर कहा कि अगर सरकार के द्वारा स्वीकृत रिक्त पदों को समाप्त करने की कार्रवाई की जाती है, तो राज्य महासंघ राज्यव्यापी उग्र आन्दोलन करने के लिए बाध्य होगा.
