
उदित वाणी, आदित्यपुर : आसंगी बस्ती, आदित्यपुर में आज गौड़ सेवा संघ का 35वां संकल्प दिवस समारोह मनाया गया. इस अवसर पर पूर्व मुख्य मंत्री सह विधायक चम्पाई सोरेन मुखी अथिति, संघ की स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन मारकर्ण्डो महाकुड विशिष्ट अतिथि और स्टेयरिंग कमिटी के सदस्य अयोध्या बेहरा, मायाधार बेहरा, गोविंदो गौड़ तथा रंजीत प्रधान सम्मानित अतिथि के रुप में उपस्थित थे.
पस्थित लोगों को संबोधित करते हुए चम्पाई सोरेन ने कहा कि समाज को लेकर हीं हम पूरे देश में अपना परिचय दे सकेंगे. परन्तु अगर हमारा समाज बिखर गया, तो हम अपनी पूर्वजों के रीति-रिवाज़ को खो देंगे. क्योंकि हमारा समाज हीं हमें बढ़ाएगा और समाज हीं हमें आगे का रास्ता दिखाएगा. और समाज को कुव्यवस्था से बचाने का दायित्व भी हमारा है. जुआ और नशा के बढ़ते प्रचलन का उल्लेख करते हुए कहा उन्होंने कहा कि समाज में पर्व_त्योहार के नाम पर जुआ का चलन बढ़ रहा है. हालांकि समाज हमें कभी भी जुआ का खेल खेलने की इजाजत नहीं देता है तथा किसी भी परिवार को इसे नहीं अपनाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि नशा का प्रचलन समाज में नहीं हो, गौड़ समाज को यही निर्णय करना चाहिए. अपने अल्प अवधि के मुख्य मंत्रित्व काल की चर्चा करते हुए उन्होंने ओड़िया भाषा के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताया. उन्होंने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से पिछले दिनों मिलकर उन्हें घोंघाडीह (राजनगर) आने के लिए आमंत्रित किया है. और अगर वे आते हैं, तो वहां पूरे गौड़ समाज के लोगों का वहां जुटान कराएंगे. और उनके माध्यम से ओड़िया भाषा का विकास भी कराएंगे. उन्होंने समाज में व्याप्त कुव्यवस्था को ठीक करने पर जोर दिया तथा कहा कि ऐसा भी समय आएगा, जब कोल्हान में दारु (शराब) की एक भी दुकान नहीं रहेगी.
शिक्षित और अच्छा समाज बने, हम यह सुनिश्चित करेंगे. और अवगुण को निकाल कर अच्छा समाज बनाएंगे. यहां के बच्चों व यहां की भाषा का विकास करेंगे. देवालयों का जीर्णोद्धार कराएंगे. उन्होंने संघ के संस्थापक और अध्यक्ष स्व देवीलाल प्रधान की सादगीपूर्ण जीवन शैली और कुशल नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की. कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष पितोवास प्रधान ने तथा संचालन संघ के सचिव हरेकृष्णा प्रधान ने किया.
उल्लेखनीय है कि गौड़ सेवा संघ की स्थापना अविभाजित सिंहभूम जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष देवीलाल प्रधान के द्वारा 02 अक्टूबर 1992 को की गई थी, जिन्हें अलग झारखंड राज्य बनने के बाद गठित भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची का निदेशक भी बनाया गया था. इस अवसर पर चतुर्भुज बारिक, भास्कर महाकुड़, चीनीवास प्रधान, कृष्ण कुमार प्रधान, शुरूपद प्रधान, काशीनाथ प्रधान, पंकज प्रधान, नागेश्वर प्रधान, अशोक गोप, उत्तम प्रधान, प्रह्लाद गोप, अशोक प्रधान, नींबू महाकुड़, शिरीश चन्द्र बेहरा, अश्विनी प्रधान, रुपन प्रधान आदि उपस्थित थे.

