
उदित वाणी आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में ओबीसी आरक्षण सर्वे को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) ने घर-घर जाकर सर्वे करने के बजाय सिर्फ सरनेम के आधार पर सूची तैयार कर ली. इसके बाद बिना उचित जांच के इन रिपोर्टों को नगर निगम में समर्पित भी कर दिया गया.
श्रेणी में गड़बड़ी, ओबीसी मतदाता दिखाए गए सामान्य और एसटी में
नगर निगम की जनगणना शाखा द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से यह जानकारी दी गई कि सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां और दावे दाखिल किए जा सकते हैं. जब माँझी टोला बस्ती के संजय नगर निवासी और आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र घोष नगर निगम कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि मतदान केंद्र संख्या 111, 112, 113 और 114 के कई ओबीसी मतदाताओं को सामान्य और अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में डाल दिया गया है.
‘घोष’ और ‘गुप्ता’ को सामान्य श्रेणी में किया शामिल
रविंद्र घोष ने नगर निगम प्रशासक को लिखित शिकायत दी है. उन्होंने बताया कि उनकी जाति घोष (यादव) ओबीसी श्रेणी में आती है, लेकिन सर्वे रिपोर्ट में उन्हें सामान्य श्रेणी में दिखाया गया है. इसी तरह, श्री गुप्ता नामक एक अन्य व्यक्ति को भी गलत श्रेणी में डाला गया है.
बीएलओ सर्वे की जांच की मांग
रविंद्र घोष ने मांग की है कि बीएलओ द्वारा किए गए सर्वे की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया मनमाने ढंग से और घर बैठे रिपोर्ट तैयार कर की गई है, जिससे ओबीसी समुदाय के अधिकारों का हनन हो रहा है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है.

