
उदित वाणी, जमशेदपुर : झारखंड इंटक के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर चिंता जाहिर की है और इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है. उन्होंने बताया कि मंगलवार 2 सितंबर को वे आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र गये थे. वहां की स्थिति को देखकर बेहद दुख हुआ कि जो क्षेत्र, कभी पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और सबसे सक्रिय औद्योगिक केंद्र माना जाता था, आज कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र का राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान है.
यहां लगभग 1,800 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां हैं, जिनमें से 800 इकाइयां बंद हो चुकी हैं और लगभग 1,000 इकाइयां अभी भी कार्यरत हैं. इनमें 50 बड़ी कंपनियां एवं 950 लघु इकाईयां हैं. इन इकाइयों में 57,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं.फिर भी इस क्षेत्र की बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. यह स्थिति न केवल उद्योगों के संचालन को प्रभावित कर रही है, बल्कि भविष्य के निवेश और राज्य के औद्योगिक विकास पर भी नकारात्मक असर डाल रही है. ऐसे प्रशासन को तत्काल इन समस्याओं का निराकरण करें, ताकि यह क्षेत्र और निवेशकों को आकर्षित कर सके.
ये हैं समस्याएं
1. सड़क की चौड़ाई अपर्याप्त है और सड़कें जर्जर स्थिति में हैं, जिसके कारण बड़े-बड़े वाहनों और कर्मचारियों का आना-जाना अत्यधिक प्रभावित होता है. कुछ वर्ष पूर्व इसी रास्ते से गुजरने के क्रम में एक महिला की मृत्यु भी हो चुकी है. अतः सड़क का चौड़ीकरण एवं मरम्मत कार्य अति आवश्यक है.
2. सड़क पर पर्याप्त प्रकाश की कमी है, जिसके कारण रात में असुरक्षा की भावना बनी रहती है.
3. चोरी और असुरक्षा की बढ़ती घटनाएं, जिसने उद्यमियों और कर्मचारियों दोनों को परेशान कर रखा है.
4. विशेषकर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है.
