उदित वाणी, प्रयागराज: प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच आयोजित किए जा रहे महाकुंभ के समापन के रूप में 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन अवसर है. इस दिन होने वाले अंतिम स्नान के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. महाकुंभ के इस अंतिम स्नान को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. अब तक महाकुंभ 2025 में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान किया है.
सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित स्नान अनुभव प्रदान करने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है. रेलवे, हवाई अड्डे, सड़क परिवहन और पार्किंग व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है. रेलवे ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों का प्रबंध किया है. वहीं, बस और निजी वाहनों के लिए विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया गया है. प्रमुख स्नान घाटों, प्रवेश मार्गों और पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त दिशा-निर्देश चिह्न लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था
भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं. जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि अंतिम स्नान के दिन सभी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसमें भीड़-प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को प्राथमिकता दी गई है. सभी सुरक्षा एजेंसियां और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं, जिससे किसी भी स्थिति से त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
निरंतर समीक्षा और समन्वय
महाकुंभ के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं. एडीजी जोन और मंडलायुक्त प्रयागराज के नेतृत्व में इन बैठकों के माध्यम से व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है. महाशिवरात्रि स्नान के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
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