
उदित वाणी, मुंबई: बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री काजोल की बहुप्रतीक्षित हॉरर फिल्म ‘मां’ आज यानी 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म का निर्देशन विशाल फुरिया ने किया है, जो अपने अलग अंदाज़ में डर और भावनाओं की कहानियों के लिए जाने जाते हैं। ‘मां’ का निर्माण अजय देवगन, ज्योति देशपांडे और जियो स्टूडियो ने किया है। सह-निर्माता हैं कुमार मंगत पाठक। मुख्य भूमिका में काजोल के साथ-साथ फिल्म में रोनित रॉय, इंद्रनील सेनगुप्ता, जितिन गुलाटी, गोपाल सिंह, सूर्यसिखा दास, यानी भारद्वाज, रूपकथा चक्रवर्ती, खेरिन शर्मा नजर आते हैं.
यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु और बंगाली भाषाओं में एक साथ रिलीज की गई है। फिल्म एक मां की कहानी है जो अपनी बेटी को प्रेतात्माओं और दुष्ट शक्तियों से बचाने के लिए किसी भी हद तक जाती है। इस कोशिश में वह अपने डर, विश्वास और ममता की सबसे गहराइयों से गुजरती है।
नेटिज़न्स ने क्या कहा?
फिल्म रिलीज होते ही एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ दर्शकों ने इसे 4 स्टार देते हुए कहा कि फिल्म “सच में डराती है” और “मां-बेटी का भावनात्मक रिश्ता गहराई से दिखाया गया है”। वहीं, कुछ यूजर्स ने फिल्म की तुलना अजय देवगन की ‘शैतान’ से करते हुए इसे हल्का और प्रभावहीन बताया। कुछ ने इसे “ओवरड्रामा” और “बोरिंग” भी कहा। कुल मिलाकर, मिश्रित प्रतिक्रियाओं के चलते इसे एक औसत फिल्म माना जा सकता है।
कहानी में क्या है खास?
फिल्म में काजोल ने अंबिका नाम की महिला का किरदार निभाया है, जो अपने पति शुवांकर (इंद्रनील सेनगुप्ता) और बेटी श्वेता (खेरिन शर्मा) के साथ कोलकाता में रहती है। पति के पिता के निधन के बाद शुवांकर पश्चिम बंगाल के चंद्रपुर गांव जाता है, जहां उसे रहस्यमयी परिस्थितियों में मार दिया जाता है।कुछ समय बाद अंबिका अपनी बेटी के साथ पूर्वजों की हवेली बेचने चंद्रपुर जाती है। लेकिन वहां की दैत्य शक्तियां अब श्वेता के पीछे लग जाती हैं। अब एक मां के सामने है अपनी बेटी को बचाने की चुनौती। वह हर डर, हर रुकावट को तोड़कर अपनी बच्ची के लिए खड़ी होती है।
क्या आप देखेंगे ‘मां’?
अगर आप डर और भावना की मिली-जुली कहानियों के शौकीन हैं, तो ‘मां’ आपके लिए एक अनुभव हो सकता है। हालांकि, इसे देखने से पहले यह तय कर लें कि आप खुद तय करना चाहेंगे कि यह “डराती है” या “बोर करती है”!

