
* वहीं राज्य में 54 स्कूलों में आधे से अधिक छात्र असफल
* 51 स्कूलों के शत-प्रतिशत बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण
उदित वाणी, रांची : झारखंड एकेडमिक कौंसिल [जैक] द्वारा जारी मैट्रिक बोर्ड परीक्षा में इस साल पूर्वी सिंहभूम जिले के मिथिला हाई स्कूल सोनारी, गवर्नमेंट हाईस्कूल बिरसानगर, माइकल जान गर्ल्स हाईस्कूल गोलमुरी व पश्चिम सिंहभूम जिले के उत्क्रमित हाईस्कूल सोनगरा समेत कुल सात विद्यालयों के सभी विद्यार्थी फेल हो गए. कोल्हान के अलावा मॉडल स्कूल पालजोरी गुमला, उत्क्रमित हाईस्कूल शिकारीपाड़ा दुमका व आर मित्रा हाईस्कूल देवघर के एक भी बच्चे पास नहीं हुए. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बिश्लेषण में यह मामला सामने आया है. सात विद्यालयों के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों के फेल होने पर विभागीय सचिव उमाशंकर सिंह ने इसे गंभीर मामला बताया. उन्होंने इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण पूछकर वहां से हटाने व उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश संबंधित उपायुक्तों को दिया है.
सचिव ने इन सभी स्कूलों की स्थलीय जांच का भी आदेश दिया है. उन्होंने परिणाम के बिश्लेषण के बाद पूरी रिपोर्ट सभी जिलों के उपायुक्तों को भेज दी है. इसमें कहा गया है कि इस परीक्षा के परिणाम में सुधार के बाद भी 35729 परीक्षार्थी फेल हो गए हैं. इनका बिश्लेषण जरूरी है ताकि कारणों की पहचान की जा सके. जबकि राज्य स्तर पर पिछले बर्ष की तुलना में 1.3 प्रतिशत अधिक परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसवां व पश्चिम सिंहभूम जिले समेत गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा व खूंटी जिले में मैट्रिक के रिजल्ट में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है. सबसे अधिक छह प्रतिशत की गिरावट पश्चिमी सिंहभूम जिले में हुई है.
वहीं राज्य में 54 स्कूलों में आधे से अधिक बच्चे फेल हो गए हैं. इस परीक्षा के परिणाम में इस बर्ष रिजल्ट में सुधार होने के बावजूद इन स्कूलों की यह स्थिति रही. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक भी कार्यरत हैं. देवघर के आर मित्रा हाईस्कूल में तो 33 शिक्षक कार्यरत हैं और यहां से सिर्फ 8 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे. जिनमें सभी फेल हो गए. वहीं विभागीय सचिव ने कहा कि राज्य में ऐसे स्कूल भी हैं. जिनपर शिक्षा विभाग को गर्व है. जिनमें 51 स्कूलों के शत-प्रतिशत बच्चे प्रथम श्रेणी में सफल हुए हैं. इनमें से 24 स्कूलों के बच्चे पिछले बर्ष भी शत-प्रतिशत सफल हुए थे. इसी तरह इस बर्ष 777 स्कूल ऐसे हैं. जहां शत-प्रतिशत परीक्षर्थियों ने सफलता हासिल की है. इनमें 261 स्कूलों का पिछले बर्ष भी शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ था. उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा.
