
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के मानगो क्षेत्र से एक बार फिर चोरी की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस बार चोरों ने आस्था के केंद्र को ही अपना निशाना बना डाला। मानगो एनएच-33 पर स्मार्ट बाजार के ठीक सामने स्थित ऐतिहासिक राम-लक्ष्मण-हनुमान मंदिर को बीती रात चोरों ने अपना शिकार बना लिया। चोर मंदिर से ध्वनि यंत्र का पूरा सेट और नगद राशि लेकर फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है।
मंदिर कमेटी के मुख्य प्रबंधक दयाकांत तिवारी ने घटना की जानकारी सबसे पहले पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह को सोमवार की सुबह दी। सूचना मिलते ही विकास सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
दयाकांत तिवारी ने उन्हें बताया कि रविवार की रात करीब 10:00 बजे मंदिर का पट बंद कर सभी लोग अपने-अपने घर चले गए थे। सोमवार की सुबह जब मुख्य पुजारी सूर्यकांत पांडे मंदिर खोलने पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गए। मंदिर का सारा सामान अस्त-व्यस्त था, अलमारी का ताला टूटा हुआ था, और उसमें रखा ध्वनि यंत्र का पूरा सेट तथा लगभग ₹6000 नगद राशि गायब थे।
“नशे और लॉटरी का अड्डा बना मानगो” — विकास सिंह
पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह ने मौके पर पहुंच कर पुलिस को सूचना दी और घटना की निंदा करते हुए तीखा बयान जारी किया। उन्होंने कहा:
“जिले के वरीय अधिकारियों के लाख प्रयासों के बावजूद मानगो में नशा, गांजा, ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की बिक्री और डेली लॉटरी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। यह इलाका अब अवैध गतिविधियों का होलसेल मंडी बन चुका है। हालात यह हो गए हैं कि अब चोर भगवान को भी नहीं बख्श रहे।”
विकास सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मानगो में रात के समय पुलिस गश्ती लगभग ना के बराबर है, जिससे चोरों और असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ा है।
सीसीटीवी की जांच और गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद विकास सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर और उसके आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जाए और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर प्रशासन इस घटना को हल्के में लेता है तो मंदिर कमेटी और क्षेत्रीय लोग मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन छेड़ने पर विवश होंगे।
घटना के बाद मंदिर के पुजारी सूर्यकांत पांडे ने कहा कि वे वर्षों से इस मंदिर में सेवा दे रहे हैं, लेकिन पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि भगवान भी इस क्षेत्र में असुरक्षित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी आवश्यक हो गई है।
खबर लिखे जाने तक मानगो थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है, पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों में प्रशासन की धीमी कार्रवाई को लेकर नाराज़गी है।
यह घटना न केवल एक मंदिर में चोरी की घटना है, बल्कि यह समाज में फैलते अपराध, नशे और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है। जब धार्मिक स्थल तक सुरक्षित नहीं रह गए, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना करना कठिन है।
मानगो जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में अगर नशा और लॉटरी के गोरखधंधे को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में अपराध की भयावहता और भी विकराल रूप ले सकती है।

