
उदित वाणी, जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी के डोंगा घाट में नहाने के दौरान डूबे 12 वर्षीय अंकुश कालिंदी का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया. अंकुश बिरसानगर का निवासी था. इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही को लेकर आक्रोश का माहौल है.
जानकारी के अनुसार 26 जनवरी को दोपहर करीब 2 बजे अंकुश कालिंदी डोंगा घाट पर नहाने के लिए गया था. नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते नदी में डूब गया. घटना की सूचना तत्काल सिदगोड़ा थाना और जिला प्रशासन को दी गई. परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद समय पर प्रभावी खोज-बचाव अभियान शुरू नहीं किया गया.
स्थानीय लोगों ने घटना के तुरंत बाद प्रशिक्षित गोताखोरों और आधुनिक उपकरणों के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू करने की मांग की थी. इसके बावजूद एनडीआरएफ अथवा एसडीआरएफ की टीम को मौके पर पहुंचने में लगभग 48 घंटे की देरी हुई. इस देरी को लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी देखी गई. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाता, तो बच्चे को बचाने की संभावना थी.
स्थानीय विधायक पूर्णिमा दास की पहल पर बुधवार सुबह रांची से एनडीआरएफ की टीम जमशेदपुर पहुंची. टीम के पहुंचते ही डोंगा घाट और आसपास के नदी क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया. कड़ी मशक्कत के बाद अंततः अंकुश कालिंदी का शव नदी से बरामद किया गया.
शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया. माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है.
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए त्वरित व प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने की मांग की है.
