
उदित वाणी, जमशेदपुर : सामाजिक कार्यकर्ता सागर तिवारी और साकची काशीडीह स्थित डॉ. अभिषेक क्लिनिक संचालक डॉ. अभिषेक के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है. अब इस मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया है. डॉ. अभिषेक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सागर तिवारी को एक कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में कहा गया है कि सागर तिवारी द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट के कारण अस्पताल की छवि धूमिल हुई और मात्र नौ दिनों में 90 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है. डॉ. अभिषेक की ओर से इस पूरी क्षतिपूर्ति की तत्काल मांग की गई है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सागर तिवारी ने नोटिस को हास्यास्पद करार दिया है. उन्होंने कहा कि “अस्पताल पूर्ण रूप से बंद नहीं हुआ था. अगर 50 प्रतिशत लोग सेवाएं लेने नहीं आए तो इसका सीधा मतलब यह हुआ कि नौ दिनों में अस्पताल की कमाई एक करोड़ अस्सी लाख रुपये बताई जा रही है. ऐसे में डॉ. अभिषेक को सबसे पहले अपनी आय और कमाई का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए.”
सागर तिवारी ने आगे कहा कि जब डॉ. अभिषेक खुद को समाजसेवा के लिए समर्पित बताते हैं तो फिर भारी भरकम कमाई के दावे करना विरोधाभासी है. उन्होंने चुनौती दी कि पहले यह साबित किया जाए कि उनकी फेसबुक पोस्ट वास्तव में अस्पताल के खिलाफ थी. तिवारी ने कहा, “बिना सबूत और ठोस प्रमाण के केवल पैसे और प्रभाव के दम पर हर बार जीत हासिल नहीं की जा सकती.”
इस पूरे विवाद ने शहर की चिकित्सकीय दुनिया और सोशल मीडिया हलकों में काफी हलचल मचा दी है. लोग दोनों पक्षों की दलीलों पर अपनी राय दे रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह मामला आगे अदालत में किस दिशा में बढ़ता है और किसे न्याय मिलता है.

