
उदित वाणी, जमशेदपुर : सोनारी थाना कांड संख्या 47/2025 में नामजद अभियुक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रभात कुमार सेकसेरिआ को अदालत से बड़ी राहत मिली है. माननीय न्यायालय, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय के न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद प्रभात कुमार को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी. यह मामला करीब 6 करोड़ रुपए के गबन, मारपीट तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कर दो कंपनियों को लाभ पहुंचाने से जुड़ा है.
यह प्राथमिकी सोनारी डिस्पेंसरी रोड निवासी सोनू अग्रवाल के द्वारा 2 अप्रैल 2025 को दर्ज कराई गई थी. शिकायत में सोनू अग्रवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रभात कुमार ने अपने पद और पेशे की आड़ में विश्वासघात करते हुए मेजर्स विजय हाईटेक प्राइवेट लिमिटेड एवं भवानी ट्रेडिंग कंपनी को अवैध तरीके से आर्थिक लाभ पहुंचाया. इसके लिए उन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए, और विरोध करने पर सोनू अग्रवाल के साथ शारीरिक मारपीट भी की गई.
जमानत याचिका पर हुई सुनवाई में अधिवक्ताओं ने रखे पक्ष
अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान प्रभात कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और अधिवक्ता बबिता जैन ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा. उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है और यह मामला व्यापारिक लेनदेन से उत्पन्न विवाद का परिणाम है. बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि प्राथमिकी में लगाए गए कई आरोप प्रथम दृष्टया तकनीकी एवं आपसी व्यावसायिक मतभेद से संबंधित हैं, जिसमें आपराधिक मंशा स्पष्ट नहीं होती.
अधिवक्ताओं ने कोर्ट से अनुरोध किया कि प्रभात कुमार का अब तक का आचरण निर्दोष रहा है और वह जांच में सहयोग देने को तैयार हैं. उन्होंने आशंका जताई कि गिरफ्तारी की स्थिति में अभियुक्त की छवि को अपूरणीय क्षति हो सकती है, साथ ही उनका पेशागत करियर भी संकट में पड़ सकता है.
अदालत ने दी राहत, गिरफ्तारी पर रोक
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय अदालत ने प्रभात कुमार सेकसेरिआ की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभात कुमार जांच में सहयोग करेंगे तथा पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर उपस्थित रहेंगे.
प्राथमिकी में ये हैं आरोप
सोनू अग्रवाल द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि उन्होंने कारोबारी रिश्तों के तहत प्रभात कुमार को वित्तीय मामलों का जिम्मा सौंपा था. लेकिन इस भरोसे का दुरुपयोग करते हुए प्रभात कुमार ने धीरे-धीरे कंपनी के खातों से करीब 6 करोड़ रुपए इधर-उधर कर दिए. इसके अलावा उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों के शेयर और संपत्तियों का हस्तांतरण भी अपने नियंत्रण में ले लिया. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई.
पुलिस जांच जारी, अब बयान होंगे रिकॉर्ड
सोनारी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संवेदनशील है और पुलिस इस दिशा में त्वरित जांच कर रही है. अब जब अभियुक्त को अग्रिम जमानत मिल गई है, तब उनसे पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा. साथ ही, शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा गंभीर मामला
ज्ञात हो कि विजय हाईटेक प्राइवेट लिमिटेड और भवानी ट्रेडिंग कंपनी दोनों ही स्थानीय स्तर पर सक्रिय व्यवसायिक इकाइयां हैं. शिकायत में दर्ज आरोपों के अनुसार इन कंपनियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाकर प्रभात कुमार ने वित्तीय प्रणाली में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की है. इस केस को शहर के वित्तीय जगत में उच्च प्रोफ़ाइल फ्रॉड के तौर पर देखा जा रहा है.
अगली सुनवाई में तय होगी दिशा
अब जबकि अभियुक्त को अग्रिम जमानत मिल चुकी है, पुलिस की चार्जशीट और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निगाह रहेगी. इस मामले में यदि पुलिस पर्याप्त साक्ष्य जुटा पाती है, तो प्रभात कुमार के खिलाफ आरोप तय किए जा सकते हैं, अन्यथा यह मामला कारोबारी विवाद मानकर सिविल प्रक्रिया में भी तब्दील हो सकता है.
