
उदित वाणी, जमशेदपुर : जुस्को कंपनी के रिटायर्ड फोरमैन अरूण कुमार सिंह से मोबाइल छिनतई करने का मामला सामने आया है। घटना शनिवार 25 मई की सुबह लगभग 4 बजे की है, जब वे रांची के कांटाटोली चौक पर खड़ी एक प्राइवेट बस ‘महारानी’ (BR 02 PA – 1551) में सफर कर रहे थे। उसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने जबरन उनका मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
अरूण कुमार सिंह जमशेदपुर के बिष्टूपुर थाना क्षेत्र स्थित पी रोड के निवासी हैं। घटना के संबंध में उन्होंने पहले बिष्टूपुर थाने में मामला दर्ज कराया। चूंकि घटना स्थल रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए केस को वहां रेफर कर दिया गया है।
बस में सफर कर रहे थे तभी हुई वारदात
अरूण कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वे रांची से जमशेदपुर लौटने के लिए महारानी बस में सवार हुए थे। कांटाटोली चौक पर बस के रुकने के दौरान कुछ युवक बस में चढ़े और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर उनका मोबाइल छीन लिया। घटना इतनी जल्दी घटी कि उन्हें विरोध का भी मौका नहीं मिला।
पुलिस ने जांच शुरू की
लोअर बाजार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही अन्य यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके। पुलिस का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
बढ़ती छिनतई की घटनाएं चिंता का विषय
राजधानी रांची में लगातार हो रही छिनतई की घटनाएं आम जनता के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेष रूप से बस स्टैंड, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय गिरोह यात्रियों को अपना निशाना बना रहे हैं। पुलिस प्रशासन पर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
पीड़ित ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
भुक्तभोगी अरूण कुमार सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि बस अड्डों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की नियमित गश्ती बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि वे सावधानी बरतें और कीमती सामानों को सुरक्षित रखें।
सीएसआर पहल से जुड़े रहे हैं अरूण सिंह
बताते चलें कि अरूण कुमार सिंह न केवल जुस्को के तकनीकी विभाग में एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत रहे हैं, बल्कि उन्होंने कंपनी के सीएसआर गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनके साथ घटी यह घटना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
