
उदित वाणी, जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक किशोरी के साथ शादी का झांसा देकर यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया गया है. पीड़िता के बयान के आधार पर बागबेड़ा थाना में आरोपी राकेश पासवान के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
आरोपी की पहचान और वारदात की जगह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी राकेश पासवान बागबेड़ा थाना क्षेत्र के लाल बिल्डिंग, गोसाई टोला इलाके का निवासी है. किशोरी ने अपने बयान में बताया है कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और इसी बहाने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. आरोपी अक्सर किशोरी को बागबेड़ा स्टेशन रोड स्थित आदर्श लॉज में ले जाता था, जहां उसका यौन शोषण किया जाता था.
किशोरी द्वारा अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया. परिजनों के साथ किशोरी ने बागबेड़ा थाने में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
पुलिस कर रही आरोपी की तलाश
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. “हमने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा,”—ऐसा थाना प्रभारी ने बताया.
लाज संचालकों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी द्वारा बार-बार किशोरी को जिस लॉज में ले जाया गया, उस लॉज की भूमिका की भी जांच की जा रही है. आदर्श लॉज के संचालकों से पूछताछ की जाएगी कि क्या वे नाबालिग लड़की के प्रवेश और ठहरने की अनुमति किस आधार पर देते थे और क्या उनके पास कोई वैध आईडी प्रस्तुत की गई थी.
सूत्रों का कहना है कि पुलिस अब आरोपी और पीड़िता के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत और चैट्स की भी जांच कर सकती है. यदि यह साबित होता है कि आरोपी ने तकनीकी माध्यमों से किशोरी को बहलाया-फुसलाया, तो आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं.
बागबेड़ा थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी की वर्तमान लोकेशन या अन्य कोई सूचना प्राप्त हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा.
इस मामले ने एक बार फिर समाज में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शादी का झांसा देकर किशोरी के साथ बार-बार यौन शोषण का यह मामला न केवल कानून व्यवस्था की परीक्षा है, बल्कि समाज की भी. पुलिस की सख्ती, न्यायिक तत्परता और समाज की सजगता ही ऐसे मामलों पर लगाम कस सकती है.

