
उदित वाणी, जमशेदपुर : एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा के पास एनएच पर सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकाकर्मी प्रताप सिंह की हत्या मामले में पुलिस ने उसके तीन सहकर्मियों—जसकरण सिंह, विशाल और अर्षप्रीत सिंह—को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक के भांजा के बयान पर तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. घटना करीब तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है.
मृतक प्रताप सिंह पंजाब का रहने वाला था और पिछले कुछ महीनों से जमशेदपुर में एनएच चौड़ीकरण परियोजना में कार्यरत था. वह अपने रिश्तेदारों और भाइयों के साथ साइट पर काम करता था. शनिवार को मजदूर क्रेन की सहायता से लोहे की भारी प्लेटें लगाने का काम कर रहे थे. साइट फोरमैन रंजीत सिंह रंधावा ने बताया कि उन्होंने फोन पर काम की स्थिति जानी तो जानकारी मिली कि एक प्लेट लग चुकी है और दूसरी लगाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने फोन पर ही सभी को सावधानी से काम करने की हिदायत दी थी.
कुछ मिनट बाद दोबारा फोन करने पर किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया. थोड़ी देर बाद कॉल बैक आया तो बताया गया कि प्रताप सिंह के साथ मारपीट हुई है और उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है. सूचना मिलते ही रंजीत तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचे, जहां प्रताप के भांजा ने उन्हें उसकी मौत की खबर दी. डॉक्टरों ने प्रताप को पहुंचने के बाद मृत घोषित कर दिया था.
प्रताप का शव फिलहाल पोस्टमार्टम हाउस के शीतगृह में रखा गया है. परिजनों के मंगलवार तक जमशेदपुर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
पुलिस का कहना है कि मारपीट का कारण अभी स्पष्ट नहीं है. तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटनास्थल के मजदूरों से भी बयान लिए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बयानबाजी के आधार पर हत्या के पीछे की असल वजह जानने का प्रयास कर रही है.

