
उदित वाणी, पटमदा : बोड़ाम थाना क्षेत्र के रसिकनगर पंचायत अंतर्गत बड़ासुसनी गांव में गुरुवार को सरकारी जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया. हालात बिगड़ते देख थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया.
सीमांकन की प्रक्रिया के दौरान हुआ तनाव
सीओ रंजीत रंजन के निर्देश पर हल्का कर्मचारी, आमीन और चौकीदारों की टीम खाता संख्या 436, प्लॉट संख्या 2063 (1.56 एकड़) और 2064 (0.27 एकड़) की सरकारी जमीन की नापी कर रही थी. इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
पुराना कब्जा और न्यायालयीय मामला बना विवाद की जड़
बताया गया कि प्लॉट संख्या 2064 की जमीन पर वर्ष 1953 से माखन गोराई के नाम पर अवैध कब्जा बताया गया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है. माखन गोराई के पोते रोहित गोराई द्वारा इस जमीन पर बांस की घेराबंदी कर अबुआ आवास योजना के तहत निर्माण कार्य किया जा रहा था.
इस अवैध कब्जे को लेकर 20 मई को अतिक्रमण हटाया गया था, वह भी बिना पूर्व सूचना दिए. इसी कार्रवाई से नाराज़ परिजनों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी. गुरुवार की शाम जब दोबारा सीमांकन शुरू हुआ, तो परिवार ने विरोध जताया और मौके पर हंगामा हो गया.
पुलिस की तत्परता से टला बड़ा विवाद
स्थिति बिगड़ते देख बोड़ाम थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और विवाद को शांत किया.
ग्रामीणों की मौजूदगी
घटना के समय गांव के ग्राम प्रधान चतुर्थ नारायण मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य सावित्री कुम्हार, बंक बिहारी महंती, विद्याधर गोराई, सोनामोनी गोराई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

