
उदित वाणी, कोवाली : पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत कोवाली और जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में सक्रिय एक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. कोवाली थाना क्षेत्र के खराईघुटू जंगल के पास 5–6 युवक बीते कई दिनों से टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से गूगल रिव्यू और गेम रेटिंग के नाम पर ठगी कर रहे थे.
छापेमारी में छह युवक गिरफ्तार, नौ मोबाइल बरामद
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर 3 अगस्त को पुअनि अजंता महतो के नेतृत्व में टीम घटनास्थल पर पहुंची. वहां कुछ युवक मोबाइल चला रहे थे, जो पुलिस को देख भागने लगे. लेकिन छापामारी दल ने उन्हें पकड़ लिया. सभी छह युवकों के पास से कुल 9 मोबाइल बरामद किए गए, जिनमें से एक आईफोन भी शामिल है.
बैंक अकाउंट, टेलीग्राम-व्हाट्सएप से जुड़ी ठगी का नेटवर्क
जब मोबाइलों की जांच की गई तो उनमें कई बैंक अकाउंट, टेलीग्राम और व्हाट्सएप आईडी से जुड़े ट्रांजैक्शन का विवरण मिला. गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को गूगल रिव्यू और टास्क के नाम पर ठगते थे.
वे टेलीग्राम आईडी के जरिए अपना कमीशन (10%) काटकर शेष 90% राशि सुपर एडमिन द्वारा दिए गए अकाउंट, वॉलेट और यूपीआई आईडी में ट्रांसफर कर देते थे.
लाखों का लेनदेन, कई जगह दर्ज हैं शिकायतें
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ठगी के जरिए अब तक 10 से 15 लाख रुपए से अधिक का लेनदेन हो चुका है. देशभर में इनके खिलाफ कई ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं. आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं.
प्राथमिकी दर्ज कर सभी को भेजा गया जेल
कोवाली थाना कांड संख्या-36/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/3(5) बीएनएस के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
गिरफ्तार आरोपी
मानिक भगत
देव भगत
कितेश भगत
चंदन भगत उर्फ सोनू भगत
मंथन भगत उर्फ रंकु भगत
चिरंजीत भगत उर्फ किरण भगत
छापामारी टीम में शामिल अधिकारी
संदीप भगत, पुलिस उपाधीक्षक, मुसाबनी
धनंजय कुमार पासवान, थाना प्रभारी, कोवाली
पुअनि अजंता महतो, कोवाली थाना
अन्य आरक्षी एवं चौकीदार

