
उदित वाणी, जमशेदपुर : जुगसलाई नया बाजार में मंगलवार देर रात लगी भीषण आग ने एक बार फिर यहां की खराब ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी. आग लगने के तुरंत बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन घटना स्थल तक पहुंचने में दमकल की गाड़ियों को लगभग 1 घंटे 30 मिनट का समय लग गया. इसका प्रमुख कारण था – जुगसलाई की अत्यंत संकरी सड़कें, अनियंत्रित वाहनों की पार्किंग, और अवैध रूप से सड़क किनारे फैले दुकानदारों का कब्जा.
जुगसलाई न केवल रेलवे लाइन के पास स्थित घनी आबादी वाला इलाका है बल्कि यह व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र भी है. यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग खरीदारी और परिवहन कार्यों के लिए आते-जाते हैं. लेकिन सड़कें सिर्फ नाम की चौड़ी हैं. दोनों ओर अवैध पार्किंग, ठेलों, फड़ियों और बिना अनुमति के बनी दुकानों ने इनके वास्तविक चौड़ाई को आधा कर दिया है. परिणामस्वरूप जुगसलाई का ट्रैफिक सुबह से रात तक अव्यवस्थित रहता है.
आग की घटना के दौरान जब दमकल की गाड़ियाँ जुगसलाई स्टेशन रोड से नया बाजार की ओर बढ़ीं, तो रास्ते में ट्रकों, ऑटो, टेंपो और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं. कई जगहों पर वाहनों को किनारे करने के लिए पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों को आगे बढ़कर मशक्कत करनी पड़ी. कुछ वाहन मालिक तो मौके पर मौजूद थे ही नहीं, जिससे दमकल वाहन फंस गए और आग बुझाने में कीमती समय बर्बाद हो गया. अगर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु होती तो शायद आग को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता था.
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जुगसलाई में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नगण्य है. सुबह 8 से रात 9 बजे तक भारी वाहनों का आवागमन जारी रहता है, जबकि नियम के अनुसार इन्हें प्रतिबंधित समय में प्रवेश नहीं करना चाहिए. कई ऑटो चालक बीच सड़क यात्रियों को बैठाते-उतारते हैं, जिससे जाम की स्थिति और विकट हो जाती है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान की कार्रवाई कभी-कभार ही होती है और अधिकांश समय व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है.
इधर आग की घटना के बाद जुगसलाई थाना पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने स्वीकार किया कि इलाके में यातायात व्यवस्था को सुधारना अत्यंत आवश्यक है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अवैध पार्किंग पर कार्रवाई की जाएगी और उन संकरी सड़कों की पहचान कर वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है, जिनसे होकर आपातकालीन वाहन आसानी से गुजर सकें. साथ ही, स्थानीय व्यापारियों को सड़क के किनारे बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटाने का नोटिस देने की तैयारी की जा रही है.
यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ा सबक है कि सिर्फ फायर ब्रिगेड की व्यवस्था मजबूत होने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ट्रैफिक सिस्टम को भी उतना ही सुदृढ़ बनाना जरूरी है. जुगसलाई जैसे घनी बस्ती वाले क्षेत्रों में अगर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में किसी भी आपदा के समय हालात और भयावह हो सकते हैं.
जुगसलाई में आग ने न केवल जन-धन का नुकसान किया, बल्कि यह स्पष्ट कर दिया कि खराब ट्रैफिक व्यवस्था आपात स्थितियों में कितनी खतरनाक साबित हो सकती है. प्रशासन, पुलिस और स्थानीय जनता को मिलकर समाधान तलाशना ही इस समस्या से निकलने का एकमात्र मार्ग है.

