
उदित वाणी, सरायकेला : नीमडीह थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और मोबाइल डाटा डिलीट करने की घटना को लेकर पत्रकार संगठनों में आक्रोश फैल गया है. इस संबंध में मंगलवार को झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (JUJ) और AISMZWJ के प्रतिनिधिमंडल ने सरायकेला-खरसावां जिला के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी.
क्या हुआ था घटना के दिन?
शिकायत में बताया गया है कि दिनांक 7 जुलाई 2025 को पत्रकार सागर गोप स्थानीय समाचार पत्र के लिए नीमडीह थाना परिसर की तस्वीरें ले रहे थे. उसी दौरान विगत सात वर्षों से थाना में पदस्थापित एएसआई मोहम्मद मोकलेशुर रहमान ने जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया.
इसके बाद पत्रकार को बिना किसी वैध कारण के लगभग डेढ़ घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया. इस दौरान उनका सारा फोटो और वीडियो डाटा डिलीट कर दिया गया.
संगठन ने क्या कहा?
पत्रकार संगठनों ने अपने पत्र में कहा कि डिलीट किया गया डाटा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित था, जो अब रिकवर नहीं हो पा रहा है. उन्होंने इसे प्रेस की स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन बताया है.
यह भी आरोप लगाया गया कि थाना प्रभारी को झामुमो प्रखंड अध्यक्ष द्वारा फोन किए जाने के बाद ही उच्चाधिकारियों का हस्तक्षेप हुआ और पत्रकार को छोड़ा गया.
कार्रवाई की मांग
पत्रकार संगठनों ने इस घटना को गंभीर मानते हुए एएसआई मोहम्मद मोकलेशुर रहमान के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह न केवल पत्रकारिता की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी ठेस पहुंचाता है.

