
उदित वाणी, घाटशिला : घाटशिला थाना क्षेत्र के जामबाद गांव में गुरुवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. दो पक्षों के बीच हुए इस खूनी संघर्ष में कुल सात लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं.
गंभीर रूप से घायल लोगों को किया गया रेफर
स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल लाया गया. वहां डॉ. रजनीश कौर की देखरेख में प्राथमिक उपचार के बाद तीन लोगों को गंभीर स्थिति में एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया गया.
पहले पक्ष से बैजनाथ गोप (60), उमाशंकर गोप (18) और लालटु गोप (24) को गंभीर चोटें आई हैं. दूसरे पक्ष से धनपति गोप (42), दुर्योधन गोप (22), विभीषण गोप (21) और ममता गोप (37) घायल हुए हैं.

पानी के बहाव से शुरू हुआ विवाद, पहुंचा हथियारों तक?
घायल उमाशंकर गोप ने बताया कि उनके घर ऊंचाई पर है और बारिश का पानी नीचे की ओर बहता है. आरोप है कि दुर्योधन और विभीषण गोप ने जानबूझकर पानी के रास्ते को रोक दिया, जिससे उनका घर जलमग्न होने लगा. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो विवाद मारपीट में बदल गया.
बैजनाथ गोप का आरोप है कि दुर्योधन और विभीषण ने टांगी और कुल्हाड़ी से हमला किया. इस हमले में उमाशंकर की दो अंगुलियां कट गईं और उनके सिर पर भी गंभीर चोट आई.
झामुमो नेताओं ने पहुंचकर ली स्थिति की जानकारी
घटना की सूचना मिलने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ स्थानीय नेता अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना. पुलिस भी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गई और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है.
अब आगे क्या? पुलिस करेगी कार्रवाई या सुलगता रहेगा विवाद?
भूमि विवादों से उपजे इस प्रकार के संघर्षों को लेकर प्रशासन की भूमिका और स्थानीय व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस मामले में किस दिशा में कार्रवाई करती है और क्या दोनों पक्षों में कोई समाधान निकलता है.

