
उदित वाणी, जमशेदपुर : साकची स्थित न्यायालय में पूजा लाल, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी, जमशेदपुर ने एक दहेज प्रताड़ना मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए डिमना, मानगो निवासी योगेश प्रसाद साहू को दोषी करार दिया है. आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 504, 506 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दो साल की सजा सुनाई गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता उमेश्वरी कुमारी, जो भालूबासा, सीताराम डेरा की रहनेवाली है, ने अपने पति योगेश प्रसाद साहू के खिलाफ 26 जुलाई 2019 को सीताराम डेरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी में उसने आरोप लगाया था कि विवाह के बाद से ही योगेश उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और ₹1 लाख नकद व एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था. जब पीड़िता ने दहेज नहीं दिया, तो उसके साथ मारपीट व गालीगलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई.
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह प्रस्तुत किए गए, जिनमें पीड़िता, उसके परिजन और अन्य प्रत्यक्षदर्शी शामिल थे. पीड़िता की ओर से अधिवक्ताओं सुधीर कुमार पप्पू एवं बबिता जैन ने न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखा, जिससे अभियुक्त को दोषी सिद्ध किया जा सका.
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि दहेज की मांग एवं उससे जुड़ी प्रताड़ना एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. न्यायालय के इस फैसले से दहेज पीड़ित महिलाओं को न्याय की उम्मीद मिली है.

