
उदित वाणी, जमशेदपुर : जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआइ) जमशेदपुर की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो जिले के चास निवासी कारोबारी प्रदीप कलबलिया को 200 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार किया. उसे मेडिकल जांच के बाद जमशेदपुर लाकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
यह कार्रवाई डीजीजीआइ पटना जोनल यूनिट के नेतृत्व में की गई. टीम ने कलबलिया के ठिकाने से 50 लाख रुपये से अधिक नकद, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, कंप्यूटर, लैपटॉप, और फर्जी चालान बुक जब्त किए हैं. साथ ही, संदिग्ध लेन-देन वाले कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कारोबारी प्रदीप कलबलिया लंबे समय से फर्जी जीएसटी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले में संलिप्त था. उसने शेल कंपनियों और वास्तविक व्यवसायिक संस्थाओं का एक नेटवर्क तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जी टैक्स क्रेडिट हासिल किया. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने फर्जी बैंकिंग लेनदेन के जरिए टैक्स चोरी को वैध दिखाने की कोशिश की थी.
डीजीजीआइ की टीम ने बताया कि शुरुआती जांच में करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स धोखाधड़ी के प्रमाण मिले हैं. इस नेटवर्क के अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है. टीम ने बताया कि आरोपी ने दर्जनों फर्जी कंपनियों के नाम पर ट्रांजेक्शन एंट्री, इनवॉइस जनरेशन, और फर्जी GST फाइलिंग की प्रक्रिया चलाई थी.
कार्रवाई में डीजीजीआइ जमशेदपुर टीम के सार्थक सक्सेना, अपर निदेशक राजेश रोशन टोप्पो, सहायक निदेशक रोशन कुमार मिश्र, अधीक्षक बब्लू सिंह, निरीक्षक, और अन्य अधिकारी शामिल थे. जांच एजेंसी अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों से डाटा रिकवरी कर आगे की पूछताछ में जुटी है.
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों का कारण बन सकती है. डीजीजीआइ का कहना है कि पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में चल रहे फर्जी जीएसटी नेटवर्क की जांच तेज की जाएगी ताकि सरकारी राजस्व की चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.

