
उदित वाणी, जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना की पुलिस ने 72 घंटे की रिमांड पर पूछताछ पूरी करने के बाद गोलमुरी निवासी कुख्यात अपराधी दशरथ शुक्ला व उसके तीन साथियों-रवि महानंद उर्फ गोपला, राज सिंह कश्यप और राजेश गिरि-को शुक्रवार को पुनः जेल भेज दिया. पुलिस ने इन चारों को भुइयांडीह के कारोबारी हरेराम सिंह के घर पर फायरिंग के मामले में कोर्ट से रिमांड पर लिया था. ये सभी पहले से विभिन्न मामलों में रांची जेल में बंद थे. मामले में पूछताछ के दौरान चारों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2018 में दशरथ शुक्ला की घाघीडीह जेल में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से दोस्ती हुई थी. इसी दौरान उनके बीच आपराधिक गतिविधियों को लेकर नज़दीकियां बढ़ीं. पूछताछ में दशरथ ने बताया कि हरेराम सिंह के बेटे द्वारा उसे शराब की दुकान आवंटित नहीं किए जाने पर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उसने प्रतिशोध में फायरिंग की साज़िश रची. इसके लिए उसने सुजीत सिन्हा से संपर्क किया, जिसने रांची में छह पिस्तौल उपलब्ध करायी.
उन्हीं हथियारों को रवि महानंद, राज सिंह कश्यप और राजेश गिरि को सौंपा गया ताकि फायरिंग की घटना को अंजाम दिया जा सके. जांच में सामने आया है कि उपलब्ध कराये गये हथियारों में से तीन पिस्तौल बुंडू पुलिस ने बरामद की थी. वहीं शेष तीन पिस्तौल सीतारामडेरा एवं सिदगोड़ा थाना की पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में जब्त की. पुलिस अब जांच यह भी कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में किया गया था या नहीं. रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से घटना की योजना, हथियार आपूर्ति नेटवर्क, और आर्थिक लेन-देन को लेकर भी पूछताछ की गयी है.
ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व हरेराम सिंह के आवास पर फायरिंग हुई थी. फायरिंग से पूर्व धनबाद के गैंगस्टर प्रिंस खान ने फोन कर दो करोड़ रुपये रंगदारी की माँग की थी. पुलिस यह जांच कर रही है कि प्रिंस खान, सुजीत सिन्हा और दशरथ शुक्ला के बीच कोई सीधा आपराधिक गठजोड़ है या नहीं. फिलहाल चारों आरोपियों को वापस जेल भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई में पुलिस संभावित गिरोह के वित्तीय स्रोतों एवं नेटवर्क पर नज़र रखने की तैयारी कर रही है.

