
उदित वाणी, जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सचिन्द्र नाथ सिन्हा की अदालत ने सोमवार को एक जघन्य हत्याकांड में दोषी पाए गए चुन्नु मांझी उर्फ पुतस मांझी को फांसी की सजा सुनाई. अदालत ने वाद संख्या 196/19 (कपाली आप कांड संख्या 23/19) में फैसला सुनाते हुए धारा 302 भादवि के तहत मृत्युदंड और 20 हजार रुपये जुर्माना, जबकि धारा 427 के तहत दो वर्ष की सश्रम कारावास की सजा भी दी.
यह मामला 23 फरवरी 2019 का है, जब तड़के करीब चार बजे चुन्नु मांझी हाथ में कुल्हाड़ी लेकर अपने रिश्तेदार रवि मांझी के घर पहुंचा और उसकी पत्नी कल्पना उर्फ पावों तथा तीन बच्चों—जितेंद्र, सुरेश और पुरेश—की बेरहमी से हत्या कर दी. इसके बाद उसने वादी सिद्धू सोरेन और उसकी मां पर भी हमला किया तथा घर और मोटरसाइकिल में आग लगा दी.
यह मामला वादी सिद्धू सोरेन के बयान पर दर्ज हुआ था. पुलिस ने चुन्नु मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और एफएसएल रिपोर्ट सहित आरोप पत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों की गवाही हुई और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को सबूत के तौर पर पेश किया गया. अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी अपर लोक अभियोजक हर्ष वर्धन ने इसे “दुर्लभतम से दुर्लभ” अपराध बताते हुए फांसी की सजा की मांग की. अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए दोषी को मौत की सजा सुनाई.

