
उदित वाणी, जमशेदपुर : चाकुलिया थाना अंतर्गत पुराना बाजार स्थित एक वृद्ध नागरिक के घर में 30 जून 2025 की रात हुए भीषण लूटपाट कांड का खुलासा जमशेदपुर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर कर लिया है. हथियारबंद अपराधियों द्वारा 1.5 किलोग्राम से अधिक सोने के आभूषण और ₹1,55,000 नकद की लूट को अंजाम देने वाले दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न केवल जनता का विश्वास बहाल किया, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध के खिलाफ अपनी कार्यकुशलता का भी परिचय दिया.
गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों के पास से लूट के जेवरात, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, चाकू और एक देशी पिस्टल (कट्टा) के साथ-साथ जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. तीसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है.
घटना 30 जून 2025 की रात की है. पीड़ित 70 वर्षीय अरुण कुमार नंदी, पिता स्व. मदन मोहन नंदी, निवासी – पुराना बाजार, चाकुलिया, ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि रात के अंधेरे में तीन अज्ञात अपराधी उनके घर में घुसे और हथियार व चाकू के बल पर उन्हें तथा उनके परिवार को डरा धमका कर सोने के जेवरात और ₹1.55 लाख की नकदी लूटकर फरार हो गए.
इस घटना की सूचना जैसे ही चाकुलिया थाना को मिली, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. तत्काल ही वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए. मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, घाटशिला के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. छापामारी दल को पश्चिम बंगाल पुलिस (जामबनी थाना) का सहयोग भी मिला.
गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी और अपराधियों की धरपकड़

छापामारी दल को गुप्त सूचना मिली कि तीन संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर पश्चिम बंगाल के जामबनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाड़ा बनशील, पोड़हाटी की ओर भाग रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्परता से कार्रवाई की और बाड़ा बनशील गांव के पास सड़क पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू कर दी. पुलिस की सक्रियता को देखकर मोटरसाइकिल सवार तीनों युवक अचानक वाहन से कूदकर भागने लगे. तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया.
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
1. मोहम्मद रफीक (उम्र – 48 वर्ष)
स्थायी पता: बड़गांव, थाना – रफीगंज, जिला – औरंगाबाद, बिहार
वर्तमान पता: ब्रह्मानंद अस्पताल के पास, हरिपदो उर्फ गुड्डू के घर, थाना – चांडिल, जिला – सरायकेला-खरसावां
2. निरंजन गौड़
पिता का नाम: स्वर्गीय बलदेव गौड़
पता: बागबेड़ा ट्रैफिक कॉलोनी, थाना – बागबेड़ा, जिला – पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर
तीसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम द्वारा लगातार छापेमारी अभियान जारी है.
पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामानों की सूची विस्तृत रूप से इस प्रकार है:
सोने के आभूषण (कुल वजन – 1340.720 ग्राम):
लेडीज अंगूठी – 142 पीस (वजन – 264.70 ग्राम)
इयरिंग – 14 जोड़ी (वजन – 30.030 ग्राम)
मंगलसूत्र – कुल 105 पीस
50 पीस वजन टैग सहित – 180.770 ग्राम
39 पीस टैग रहित – 63.490 ग्राम
चैन सहित 16 पीस – 140.640 ग्राम
चैन – 28 पीस (वजन – 174.000 ग्राम)
लॉकेट – 132 पीस (वजन – 152.390 ग्राम)
नेकलेस – 08 पीस (वजन – 59.660 ग्राम)
मांग टिका – 1 पीस (वजन – 2.420 ग्राम)
झुमका – 1 जोड़ी (वजन – 4.520 ग्राम)
जेंट्स रिंग – 54 पीस (वजन – 118.770 ग्राम)
बेबी अंगूठी – 55 पीस (वजन – 33.260 ग्राम)
टर्किस अंगूठी – 5 पीस (वजन – 20.230 ग्राम)
बेबी इयर रिंग – 3 जोड़ी (वजन – 5.40 ग्राम)
सभी आभूषण एक हरा-काला रंग के चेकदार थैले में रखे गए थे.
अन्य जब्ती सामग्री:
मोटरसाइकिल – सुपर स्प्लेंडर (रजि. संख्या – जेएच 05डीएन 8350), एक फोल्डेबल स्टील चाकू, मोबाइल फोन माइक्रोमैक्स कंपनी का कीपैड मोबाइल जिसका आईएमईआई नो: 351471885669067, 351471885669075, एक देशी कट्टा (पिस्टल), एक जिंदा कारतूस, अभियुक्तों बरामद किया गया है.
पूछताछ में अहम सुराग
पूछताछ के दौरान मुख्य अभियुक्त मोहम्मद रफीक की निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया. वहीं, अभियुक्त निरंजन गौड़ के पास से लूटे गए सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और कांड में प्रयुक्त स्टील का चाकू बरामद किया गया.
इस पूछताछ के आधार पर पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा की गई वारदात है, जिसका नेटवर्क झारखंड और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है. मामले में गहराई से जांच की जा रही है.
पुलिस प्रशासन की सराहनीय तत्परता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घाटशिला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में अत्यंत समन्वित और तेज़ कार्रवाई की. सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद टीम ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से सफलता पाई.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा:
“जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों की घुसपैठ को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.”
स्थानीय जनता में फैला भय, फिर लौटी राहत की सांस
चाकुलिया जैसे अपेक्षाकृत शांत इलाके में हुई इस तरह की बड़ी वारदात ने स्थानीय नागरिकों को हिला कर रख दिया था. खासकर वृद्ध और अकेले रहने वाले नागरिकों में भय का माहौल था. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा और भय का वातावरण बन गया था. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अब लोगों ने राहत की सांस ली है और अपराधियों की गिरफ्तारी ने जनता में सुरक्षा का विश्वास लौटाया है.
चाकुलिया की यह घटना सिर्फ एक लूटकांड नहीं थी, बल्कि यह पुलिस के लिए एक चुनौती भी थी. सीमावर्ती इलाके में हुई इस वारदात में दो अपराधियों की गिरफ़्तारी और लगभग पूरा लूटा हुआ माल बरामद कर पुलिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि चाहे अपराध कितना भी संगठित या योजनाबद्ध हो, कानून के हाथों से बचना असंभव है.
झारखंड और पश्चिम बंगाल की संयुक्त पुलिस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए राज्य की सीमाएं कोई सुरक्षा कवच नहीं हैं. जल्द ही तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ यह लूटकांड पूरी तरह सुलझ जाएगा.

