
उदित वाणी, जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल ने रेलवे सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जुलाई 2025 से मध्य जनवरी 2026 तक व्यापक अभियान चलाया. इस अवधि में रेलवे अधिनियम और रेलवे संपत्ति संरक्षण कानून के तहत कई मामलों का खुलासा हुआ और बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों द्वारा अनावश्यक रूप से अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) करना ट्रेन परिचालन में बाधा बनता है और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ाता है. इसी को देखते हुए रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत कुल 540 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इन मामलों में कई बार ट्रेनें अनावश्यक रूप से रोकी गईं, जिससे न केवल यात्रियों को असुविधा हुई बल्कि समय-सारिणी भी प्रभावित हुई.
इसके अलावा, रेलवे सिग्नल प्रणाली को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामलों में धारा 174(सी) के तहत 40 लोगों की गिरफ्तारी की गई. सिग्नल क्षति सीधे तौर पर रेल सुरक्षा से जुड़ा विषय है, क्योंकि इससे ट्रेनों की आवाजाही पर खतरा उत्पन्न होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है.
रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत सिग्नलिंग सामग्री की चोरी से जुड़े मामलों में भी कड़ी कार्रवाई की गई. इस श्रेणी में 137 लोगों को गिरफ्तार किया गया. चोरी की गई सामग्री में केबल, फिटिंग्स और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल थे, जिनका उपयोग ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में किया जाता है.
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्तियों की रक्षा और निर्बाध ट्रेन संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. मंडल स्तर पर आरपीएफ और संबंधित विभागों को और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक एसीपी न करें, रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे कर्मियों को दें. सहयोग से ही सुरक्षित, सुचारू और विश्वसनीय रेल सेवा सुनिश्चित की जा सकती है.
