
उदित वाणी, जमशेदपुर : बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित एनएमएल के पास मुख्य सड़क पर हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक ने आखिरकार गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान घाटशिला थाना क्षेत्र के एदलबेड़ा निवासी मुकेश रजक (उम्र लगभग 28 वर्ष) के रूप में की गई है. वह 7 जून को सुबह लगभग 11 से 11:30 बजे के बीच एक अज्ञात हाइवा की चपेट में आ गया था.
घटना के 20 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस न तो हाइवा वाहन की पहचान कर पाई है, और न ही चालक का कोई सुराग लग सका है. मृतक के परिवार ने पुलिस की जांच पर नाराजगी जताते हुए न्याय की मांग की है.
परिजनों के अनुसार, 7 जून को मुकेश किसी काम से बर्मामाइंस की ओर आया था. एनएमएल के पास मुख्य सड़क पर तेज़ गति से आ रही एक हाइवा ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया. लगातार इलाज के बावजूद मुकेश की हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उसने 26 जून को दम तोड़ दिया.
घटना के तुरंत बाद मुकेश के बड़े भाई दिनेश चंद्र रजक ने बर्मामाइंस थाने में अज्ञात हाइवा चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर में उन्होंने पुलिस से आरोपी चालक और वाहन की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी. लेकिन घटना को बीस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है.
बर्मामाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और अज्ञात हाइवा वाहन की तलाश की जा रही है. “हम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और ट्रक यूनियनों से भी संपर्क किया गया है. जल्द ही चालक को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी.”
पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा गया
टीएमएच में इलाज के दौरान मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद शुक्रवार को परिजनों को सौंप दिया गया. परिजन शव को घाटशिला स्थित पैतृक गांव ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया.
मुकेश रजक की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम है. बीस दिन तक संघर्ष करने के बाद एक युवक ने दम तोड़ दिया, लेकिन आरोपी चालक और वाहन अब भी फरार हैं. यह घटना न केवल पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि शहर में सड़क सुरक्षा की जमीनी हकीकत को भी उजागर करती है.

