
उदित वाणी, पटमदा : बोड़ाम थाना क्षेत्र के धोबनी गांव में मंगलवार को बरामद हुए शव के मामले में पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया है. धोबनी गांव की 55 वर्षीय भावी सिंह की हत्या गांव की ही तीन महिलाओं ने मिलकर डायन के शक में कर दी थी, जिसके बाद शव को सड़क किनारे एक पुलिया के पास छिपा दिया गया था.
पेंशन निकालने जा रही थीं, तभी हुआ हमला
थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि मृतका भावी सिंह सोमवार सुबह क़रीब 10 बजे कुईयानी गांव स्थित सीएससी सेंटर में पेंशन की राशि निकालने जा रही थीं. इसी दौरान उलासी सिंह, रवनी सिंह और सोमवारी सिंह नामक महिलाओं ने उनके घर के सामने से गुज़रते ही उन पर पीछे से हमला कर दिया. एक महिला ने दावली (कटारी) से उनके गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
ग्रामीणों के शक ने दिलाई सज़ा
बताया जाता है कि आरोपी उलासी सिंह के पति पिछले कई महीनों से बीमार थे, और वे इसका कारण मृतका भावी सिंह को मानती थीं. इसी अंधविश्वास के चलते डायन होने के शक में तीनों ने मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया. हत्या के बाद शव को पास की झाड़ियों में फेंक दिया गया, जो एक सुनसान इलाका है. इस कारण दिनदहाड़े हुई इस घटना पर किसी की नज़र नहीं पड़ी.
पुत्र के बयान पर हुई कार्रवाई
मृतका के पुत्र सुधीर सिंह के बयान और आरोपी महिलाओं से चली आ रही पुरानी दुश्मनी की जानकारी के बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. तीनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. सुधीर सिंह के बयान पर उलासी सिंह, रवनी सिंह और सोमवारी सिंह के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने गुरुवार को तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया.

